– ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
पुणे, महाराष्ट्र में 15 जून 2025 को एक दुखद हादसा हुआ, जब मावल तालुका के कुंडमाला क्षेत्र में इंद्रायणी नदी पर बना एक पुराना लोहे का पुल अचानक ढह गया। यह घटना दोपहर करीब 3:30 बजे हुई, जब भारी बारिश और मानसून के कारण पर्यटकों की भीड़ इस लोकप्रिय पर्यटन स्थल पर मौजूद थी। इस हादसे में कम से कम 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 32 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुल के ढहने के समय करीब 125 पर्यटक उस पर मौजूद थे, जिनमें से कई नदी में बह गए। स्थानीय पुलिस, अग्निशमन दल, और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया। अब तक 38 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से 30 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पवाना, माईमार, और सोमटणे फाटा के अथर्व अस्पताल में घायलों का इलाज चल रहा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए बचाव कार्य को युद्ध स्तर पर चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बताया कि पुल की जर्जर हालत और भारी भीड़ इस हादसे का कारण हो सकती है।
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस हादसे के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। कई लोगों ने दावा किया कि पुल की स्थिति पहले से ही खराब थी, और इसे बंद करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक प्रत्यक्षदर्शी, अमोल, ने बताया कि पुल ढहने से पहले 5 मिनट तक हिल रहा था, और वह 15 मिनट तक पानी में संघर्ष करने के बाद एक पाइप पकड़कर बचा।
10-15 लोगों के अभी भी मलबे में फंसे होने या नदी में बह जाने की आशंका है। NDRF और अन्य टीमें विशेष उपकरणों के साथ खोजबीन कर रही हैं। यह हादसा हाल के अन्य दुर्घटनाओं, जैसे अहमदाबाद विमान हादसे और केदारनाथ हेलीकॉप्टर दुर्घटना, के बाद देश में सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहा है।

