पुणे के कोंढवा में एक 22 वर्षीय आईटी पेशेवर के साथ कथित बलात्कार के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में एक 25 वर्षीय व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जो पीड़िता का परिचित बताया जा रहा है। पीड़िता ने दावा किया था कि एक डिलीवरी एजेंट ने उनके फ्लैट में घुसकर उन पर रासायनिक स्प्रे का उपयोग किया और बलात्कार किया। हालांकि, पुलिस जांच में पता चला कि कोई जबरन प्रवेश या स्प्रे का उपयोग नहीं हुआ। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि पीड़िता के बयानों में विरोधाभास पाया गया और मेडिकल रिपोर्ट भी अनिर्णायक रही। जांच में यह भी सामने आया कि पीड़िता ने अपने फोन से कुछ डेटा हटाया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। पुलिस ने एक प्रोफेसर पर भी पीड़िता को गलत शिकायत दर्ज करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। इस मामले ने पुणे में कानून-व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक धैर्य रखने की अपील की है। यह मामला शहर में सुरक्षा और विश्वसनीयता के मुद्दों को उजागर करता है।

