विवेक कुमार उपाध्याय (अखंड राष्ट्र)
नौपेड़वा/जौनपुर | बक्शा विकास खण्ड श्री राम जानकी मन्दिर लेदुका बाजार के प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भभागवत महापुराण सप्ताह ज्ञान यज्ञ एवं श्रीराम कथा के दूसरे दिन शुक्रवार की रात्रि वाराणसी से पधारे मानस कोविद डॉ. मदन मोहन मिश्र ने कहा महात्मा की शरण हो तो मरण भी मंगलमय हो जाता। जो अपने को अमर बनाने के लिए अमृत पिया वो केवल देव कहलाता है लेकिन जो लोक कल्याण के लिए हलाहल विष का पान किया वह देव नहीं महादेव कहलाता है। श्री मिश्र ने कहा कि भागवत में स्वयं श्री कृष्ण का निवास है। उत्तरा के उदर में परीक्षित के प्राणों की रक्षा स्वयं श्री कृष्ण ने किया और सुकदेव को मां के उदर में दर्शन दिया। उन्होंने कहा कि राजा परीक्षित लोक कल्याण के लिए मृयमाण पुरुष के कर्तव्य संबन्धी प्रश्न पूछकर श्रीमद्भभागवत महापुराण का निर्माण किया गया। जिसके आंख में भौतिकता सोना होता है वही हृरणयाक्ष है। बुराई से अच्छाई की ओर इंगित करने की प्रक्रिया का नाम सत्संग है l वाराणसी से पधारी मानस कोकिला डॉ. सुधा पाण्डेय ने नारद मोह प्रसंग की कथा सुनाकर लोगो को मंत्र मुग्ध कर दिया l इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

