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महाराष्ट्र

मीठी नदी विकास पर 1650 करोड रुपए से अधिक खर्च

Akhand Rashtra
Last updated: April 12, 2024 12:46 pm
Akhand Rashtra
2 years ago
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मीठी नदी विकास पर 1650 करोड रुपए से अधिक खर्च
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अनिल गलगली ने किया एसआईटी जांच का स्वागत

मुंबई। 26 जुलाई 2005 को मुंबई में मीठी नदी में बाढ़ आ गई थी और केंद्र सरकार ने विकास और सुरक्षा के लिए सहायता की घोषणा की थी। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने पिछले 19 वर्षों में मीठी नदी विकास पर 1650 करोड़ से अधिक के खर्च की एसआईटी जांच के आदेश का स्वागत किया है। मीठी नदी से गाल निकालने और अन्य कार्यों पर 1650 करोड़ से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं। महाराष्ट्र सरकार ने इस काम की एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। मीठी नदी के काम के लिए एमएमआरडीए और मनपा से लगातार फॉलो अप कर रहे आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने जांच का स्वागत किया है। एमएमआरडीए प्रशासन ने अनिल गलगली को सूचित किया था कि मीठी नदी विकास कार्य के तहत एमएमआरडीए द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए केंद्र से मांगी गई राशि 417.51 ​​​​करोड़ रुपये थी, जबकि नगर पालिका द्वारा किए गए विकास कार्यों के लिए मांगी गई राशि 1239.60 करोड़ रुपये थी।
26 जुलाई 2005 को भारी बारिश के कारण मीठी नदी में बाढ़ आ गई थी और तत्कालीन प्रधान मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मीठी नदी के लिए वित्तीय सहायता की भी घोषणा की थी। उसके बाद, राज्य सरकार ने मीठी नदी विकास और संरक्षण प्राधिकरण की स्थापना की। अनिल गलगली के अनुसार, धनराशि खर्च करने के बाद भी, नदी अभी भी दुर्दशा में है और जिस राशि को खर्च करने का दिखावा किया गया है, उसका ऑडिट करने की आवश्यकता है। एसआईटी जांच से भविष्य में मीठी नदी का सच और समग्र विकास सामने आएगा।

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