*जौनपुरः* उमानाथ सिंह स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, जौनपुर की प्रधानाचार्य प्रो० डा० रुचिरा सेठी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० डा० ए०ए० जाफरी के दिशा निर्देश में डा० ममता, विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स विभाग द्वारा ओ०आर०एस० सप्ताह दिवस पर जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। * *डा० ममता, विभागाध्यक्ष पीडियाट्रिक्स विभाग* ने बताया कि ओ०आर०एस० सप्ताह भारत सहित पूरे विश्व में 25 जुलाई से 31 जुलाई, 2025 तक मनाया जाता है। जिसका थीम है- “A simple Solution for a Healthier Future” और स्लोगन है: “Sip Smart, Stay Strong-Say Yes To ORS” उन्होंने ओ०आर०एस० क्या है कैसे बनाना है और उसकी उपयोगिता पर चर्चा किया। शरीर में पानी की कमी का लक्षण, कब और कैसे ओ०आर०एस० देना है विस्तार से बताया।
*कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य प्रो० डा० रूचिरा सेठी* ने ओ०आर०एस० के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “डायरिया से होने वाली मृत्यु को ओ०आर०एस० जैसे सरल व प्रभावी उपचार से रोका जा सकता है। यह प्रत्येक घर में उपलब्ध होना चाहिए, विशेषकर बच्चों के लिए।” उन्होने कहा कि हमारा कर्तव्य है कि हम ओ०आर०एस०-हर घर तक, हर हाथ तक” का संदेश लेकर गाँव-गाँव, गली-गली जाएं और प्रत्येक नागरिक को इसकी उपयोगिता बताएं। विशेषकर हमारी आशा बहनों, एएनएम कार्यकर्ताओं, मेडिकल छात्रों और शिक्षकों की भूमिका इसमें अत्यंत महत्वपूर्ण है।
*उप प्रधानाचार्य, प्रो० डा० आशीष यादव* ने अपने उद्बोधन में कहा कि ओ०आर०एस० न केवल एक साधारण घोल है, बल्कि यह हमारे देश में विशेषकर बच्चों और वृद्धो के जीवन की रक्षा करने वाला एक अमूल्य सामाधान है। जब कोई बच्चा या व्यक्ति डायरिया या उल्टी-दस्त से पीड़ित होता है, तब शरीर से जल और लवण की भारी मात्रा में हानि होती है। ऐसी स्थिति में ओ०आर०एस० एक सरल, सुलभ और प्रभावी उपचार है, जो निर्जलीकरण को रोककर जीवन बचा सकता है।
*मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो० डा० ए०ए० जाफरी* ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, विश्व में हर वर्ष लाखों बच्चों की मृत्यु केवल इसलिए हो जाती है क्योंकि उन्हें समय पर ओ०आर०एस० नहीं मिल पाता। यह अत्यंत दुखद है कि एक ऐसा उपचार जो केवल चुटकी भर नमक, चीनी और साफ पानी से बनता है, जानकारी के अभाव में लोगों तक नहीं पहुँच पाता। मैं सभी से आग्रह करता हूँ कि डायरिया की स्थिति में बिना घबराए, ओ०आर०एस० का उपयोग करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। ओ०आर०एस० का सुझाव केवल सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों तक सीमित न रखें, इसे घर-घर और जन-जन तक पहुंचाना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
*डा० अजय कुमार यादव, सहायक आचार्य, पीडियाट्रिक्स विभाग* द्वारा ओ०आर०एस० पर लाइव डेमो दिया गया कि घर पर ओ०आर०एस० का घोल कैसे बनाया जाये और सही समय पर उसका कैसे उपयोग किया जाय।
*डा० जय सूर्या, सहायक आचार्य, पीडियाट्रिक्स विभाग* के संरक्षण में एम०बी०बी०एस० बैच 2023 के छात्रो ने ओ०आर०एस० पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति किया गया, जिसमें लोगो को ओ०आर०एस० के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
*कार्यक्रम का संचालन डा० अरविन्द यादव, सहायक आचार्य, पीडियाट्रिक्स विभाग* के द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के अन्त में कहा कि वायरस सप्ताह दिवस के अवसर पर आयोजित इस ज्ञानवर्धन एवं जागरूकता से परिपूर्ण कार्यक्रम में आप सभी की सक्रिय भागीदारी और उपस्थिति ने इसे वास्तव में सफल और प्रभावशाली बना दिया। मैं समस्त उपस्थितजन का हृदय की गहराइयों से आभार एवं धन्यवाद प्रकट करता हूँ। मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सभी आज से यह संकल्प लेकर लौट रहे हैं कि हम न केवल खुद सतर्क रहेंगे, बल्कि समाज को भी वायरल संक्रमणों से बचाव के प्रति जागरूक करेंगे।
इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षक प्रो० उमेश सरोज, डा० विनोद कुमार, डा० ले०क०सी०बी०एस० पटेल, डा० सरिता पाण्डेय, डा० अरविन्द पटेल, डा० आदर्श कुमार यादव, डा० चन्द्रभान, डा० जितेन्द्र कुमार, डा० विनोद वर्मा, डा० आशुतोष सिंह, डा० संजीव यादव, डा० मुदित चौहान, डा० पूजा पाठक, डा० तुमुल नन्दन, डा० बृजेश कन्नौजिया, डा० स्वाती विश्वकर्मा, डा० पंकज, डा० रेनु, डा० रेनु कोहली, डा० स्वाती प्रजापति एवं अन्य चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, कर्मचारीगण व मरीज तथा उनके तीमारदार उपस्थित रहें।

