शम्सी आजाद ने सीएम योगी को भेजा प्रस्ताव
“परशुराम की तपोभूमि और दधीचि की आस्था का प्रतीक है यह नगर”
जौनपुर। जिले के गौरवशाली अतीत और पौराणिक पहचान को सम्मान दिलाने की दिशा में भारतीय जनता पार्टी के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शम्सी आजाद ने एक बड़ा सुझाव दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जौनपुर का नाम बदलकर ‘यमदग्निपुरम’ रखने की मांग की है।
शम्सी आजाद का कहना है कि जौनपुर न केवल ऐतिहासिक रूप से समृद्ध है, बल्कि इसका गहरा पौराणिक महत्व भी है। उन्होंने पत्र में लिखा कि इस जनपद का नाम पहले ‘यवनपुर’ था, जो बाद में फिरोजशाह तुगलक के चचेरे भाई जौना खां के नाम पर जौनपुर रखा गया। उन्होंने कहा कि यह नाम जिले के वैदिक, ऋषि परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि यह भूमि महर्षि दधीचि की तपोभूमि रही है, जिन्होंने अपनी अस्थियां धर्म और देव रक्षा के लिए दान दी थीं। दधीचि कुंड आज भी यहां की सांस्कृतिक धरोहर है, जहां श्रद्धालु स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं।
साथ ही, जमैथा गांव को उन्होंने भगवान परशुराम की तपोभूमि बताया, जहां महर्षि यमदग्नि का आश्रम स्थित था — यही वजह है कि इस क्षेत्र को प्राचीन काल में यमदग्निपुरम कहा जाता था। शम्सी आजाद ने आग्रह किया कि जौनपुर का नाम बदलकर इसी ऐतिहासिक और पौराणिक पहचान को लौटाया जाए।
शम्सी आजाद के इस प्रस्ताव ने जिले में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। कुछ लोग इसे सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का प्रयास मान रहे हैं, तो कुछ इस पर राजनीति की भी संभावनाएं देख रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है।

