– ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस बल को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, रविवार, 15 जून 2025 को लखनऊ के डिफेंस एक्सपो ग्राउंड में 60,244 नवचयनित सिपाहियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इस भव्य समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 50 अभ्यर्थियों को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। यह देश की सबसे बड़ी और पारदर्शी पुलिस भर्ती प्रक्रिया मानी जा रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित इस भर्ती में 48,196 पुरुष और 12,048 महिला अभ्यर्थियों का चयन हुआ। कुल 48.17 लाख आवेदनों में से 15.49 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तकनीकी नवाचारों का उपयोग किया गया, जिसमें परीक्षा केंद्रों का सख्त चयन और प्रश्न पत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। पहले पेपर लीक के कारण 2024 की परीक्षा रद्द कर दी गई थी, लेकिन अगस्त 2024 में दोबारा आयोजित परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।
अमित शाह ने इस अवसर पर कहा, “यूपी अब दंगा मुक्त हो चुका है। यह भर्ती कानून व्यवस्था को और मजबूत करेगी।” सीएम योगी ने बताया कि पिछले आठ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने 8.50 लाख सरकारी नौकरियां दीं। चयनित अभ्यर्थियों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई गई है।
इस समारोह के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि सभी 75 जिलों से अभ्यर्थियों को लखनऊ लाने के लिए बसों और खाने-पीने का इंतजाम किया गया। यातायात व्यवस्था के लिए दस जिलों में डायवर्जन लागू किया गया। यह भर्ती न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि बिहार, राजस्थान, और दिल्ली जैसे राज्यों के 1,145 अभ्यर्थियों को भी अवसर प्रदान करती है।

