जौनपुर। एक तरफ जहां योगी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का नारा देते हुए डींगे हांक रही है तो वहीं दूसरी ओर सूबे के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक के अधीनस्थ स्वास्थ्य विभाग, भ्रष्टाचार की सभी हदें पार कर शव विच्छेदन के लिए भी सुविधा शुल्क के नाम पर वसूली कर रहा है।
जौनपुर जिले के सिद्दीकपुर स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर मंगलवार को मानवता को शर्मसार कर देने वाले मामले का खुलासा हुआ तो लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। यहां शव परीक्षण कराने पहुंचे परिजनों से खुलेआम 2000 रुपए रिश्वत की मांग की गई। घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।
धर्मापुर ब्लॉक के पौना गांव निवासी स्व. मेवालाल कनौजिया की पत्नी मालती कनौजिया (70 वर्ष) बीते 8 सितंबर की सुबह घर से निकली थीं। दिमागी रूप से कमजोर मालती उसी रात लगभग 9 बजे यादवेंद्र नगर स्टेशन के पास ट्रेन से कटकर दुर्घटनाग्रस्त हो गईं और उनकी मौत हो गई। दु:ख की इस घड़ी में जब परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने पहुंचे तो वहां मौजूद स्टाफ ने उनसे परीक्षण के नाम पर मोटी रकम की मांग कर दी। सूचना मिलते ही समाजवादी पार्टी के नेता राहुल त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और परिजनों से बात कर अस्पताल स्टाफ को आड़े हाथों लिया। उन्होंने डॉक्टरों की इस हरकत को घोर अनैतिक और अमानवीय बताते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की तथा चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।मामला तूल पकड़ता देख डॉक्टरों ने आनन-फानन में बिना किसी शुल्क के पोस्टमार्टम करने पर मजबूरी में सहमति जताई।ग्रामीणों और परिजनों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जिस स्थान पर शव का परीक्षण कर न्याय की नींव रखी जानी चाहिए, वहीं मौत को भी मुनाफे का साधन बना लिया गया है, वहीं सपा नेता राहुल त्रिपाठी ने साफ कहा कि इस प्रकरण को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा और दोषी कर्मचारियों को हर हाल में सजा दिलाई जाएगी।

