– कृष्ण कुमार नोनिया (अखंड राष्ट्र)
रांची। निवेशकों से हजारों करोड़ की ठगी के मामले में झारखंड सीआईडी ने सहारा इंडिया समूह पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सीआईडी की टीम ने बोकारो के जोनल मैनेजर सुंदर झा को बिहार के मधुबनी जिले के पंडौल से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी को रांची लाकर शुक्रवार को सीआईडी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में दो सितंबर तक जेल भेज दिया गया।
इससे पहले 28 जुलाई को इसी मामले में सहारा इंडिया के रांची जोनल मैनेजर रहे संजीव कुमार को पटना के बाढ़ से गिरफ्तार किया गया था।
400 करोड़ से अधिक की ठगी का केस
यह मामला 30 नवंबर 2024 को दर्ज सीआईडी एफआईआर से जुड़ा है। इसमें सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय (अब दिवंगत), उनकी पत्नी स्वपना रॉय, भाई जयब्रत रॉय, बेटे सुशांतो और सीमांतो रॉय, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, नीरज कुमार पाल समेत सुंदर झा और संजीव कुमार आरोपी हैं।
एफआईआर में सहारा समूह की कई कंपनियों जैसे –
सहारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड
सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसायटी लिमिटेड
हमारा इंडिया क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड
सहारा क्यू शॉप यूनिक प्रोडक्ट्स रेंज लिमिटेड
सहारा इंडिया कमर्शियल को-ऑपरेशन लिमिटेड
को भी शामिल किया गया है।
ढाई लाख निवेशकों के 40 हजार करोड़ अटके
सीआईडी जांच में खुलासा हुआ है कि झारखंड के लगभग ढाई लाख निवेशकों का करीब 40 हजार करोड़ रुपये मैच्योरिटी के बाद भी भुगतान नहीं किया गया। सहारा समूह ने न केवल निवेशकों के पैसे का दुरुपयोग किया, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के 2013 के आदेश की भी अवहेलना की। आरोप है कि समूह ने बोकारो, धनबाद, बेगूसराय और पटना की अचल संपत्तियों को SEBI द्वारा तय मूल्य से कम दामों पर बेच दिया।
विदेशी नागरिकता बनी बाधा, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी
जांच में सहारा प्रमुख के परिजनों को भी दोषी पाया गया है। लेकिन सहारा प्रमुख की पत्नी स्वपना रॉय और बेटे सीमांतो व सुशांतो रॉय ने मैसेडोनिया की नागरिकता ले रखी है। चूंकि भारत और मैसेडोनिया के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं है, इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई मुश्किल हो रही है।
सीआईडी ने संकेत दिया है कि फरार चल रहे आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया जाएगा।

