नौपेड़वा (जौनपुर)। बक्शा ब्लॉक परिसर स्थित महात्मा गांधी प्रतिमा के समक्ष शुक्रवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन आमरण अनशन का आज दूसरा दिन रहा। ट्रेन ठहराव की पुरजोर मांग को लेकर अनशनरत पूर्व ग्राम प्रधान अमरनाथ साथी की तबीयत में गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद शनिवार को दोपहर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौपेड़वा से चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची और उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जी.के. सिंह के निर्देश पर पहुँचे चिकित्सक डॉ. मनीष मिश्र ने बताया कि अमरनाथ साथी भीषण गर्मी में केवल जल सेवन कर रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। हालांकि अभी रक्तचाप सामान्य है, लेकिन स्थिति चिंताजनक हो सकती है। उन्होंने जरूरी दवाएं और ओआरएस का वितरण भी किया।
इस दौरान धरनास्थल पर दर्जनों लोगों की आवाजाही बनी रही और सुरक्षा की दृष्टि से स्थानीय थाने की पुलिस टीम भी मौजूद रही। गौरतलब है कि वाराणसी-जौनपुर-सुल्तानपुर रेल मार्ग पर स्थित बक्शा व सरायहरखू स्टेशन वर्षों से उपेक्षित हैं। लगभग 70 गांवों और दो लाख की आबादी वाले इस क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से इन स्टेशनों पर ट्रेन ठहराव की मांग कर रहे हैं।
पूर्व में भी अमरनाथ साथी द्वारा प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा जा चुका है। ग्रामीणों की मांग है कि वर्ष 1987 में जिस गंगा-जमुना एक्सप्रेस का ठहराव सरायहरखू में था, उसे दोबारा शुरू किया जाए, साथ ही बक्शा स्टेशन पर वरुणा सटल एक्सप्रेस व मेमू ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।
अमरनाथ साथी का कहना है कि जब तक रेलवे अथवा शासन प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, उनका अनशन जारी रहेगा।
धरनास्थल पर इस दौरान मनोज यादव, बबलू यादव, शुभम यादव, पूर्व बीडीसी राजेन्द्र प्रसाद यादव (टिकरी), प्रोफेसर अखिलेश यादव, राहुल यादव, शेखर, अर्जुन, वीरेंद्र, कुंदन, शरद, अमन, शिवम, सुशील यादव, रमाशंकर सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

