नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में देश भर की अदालतों में द्वितीय और चौथे शनिवार की छुट्टियों को निरस्त कर दिया है। यह नया नियम जुलाई 2025 से लागू होगा, जिसके तहत अब महीने के सभी शनिवार को अदालतें खुली रहेंगी। इस निर्णय का उद्देश्य लंबित मामलों के बोझ को कम करना और न्याय प्रक्रिया को तेज करना है।
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि बढ़ते मुकदमों की संख्या को देखते हुए यह कदम जरूरी हो गया था। इससे न केवल न्यायिक कार्यों में गति आएगी, बल्कि पक्षकारों को भी जल्दी न्याय मिल सकेगा। इस फैसले को लागू करने के लिए हाई कोर्ट्स और निचली अदालतों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
वकील समुदाय और बार एसोसिएशन ने इस निर्णय पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कुछ ने इसे स्वागत योग्य बताया, वहीं कुछ ने अतिरिक्त कार्यभार की चिंता जताई। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बदलाव के लिए आवश्यक संसाधन और स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह कदम न्यायिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

