21 जून 2025 को 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पूरे विश्व में उत्साह के साथ मनाया गया। भारत में मुख्य समारोह दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित हुआ, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ योग किया। इस वर्ष की थीम “स्वास्थ्य और सद्भाव के लिए योग” ने शारीरिक और मानसिक एकता पर जोर दिया। मोदी ने कहा, “योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जो तन-मन को जोड़कर विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त करता है।”
देशभर में स्कूलों, कॉलेजों, और सामुदायिक केंद्रों में लाखों लोगों ने योग सत्रों में हिस्सा लिया। राजस्थान के जयपुर में 50,000 से अधिक लोगों ने सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किए। विदेशों में भी योग दिवस की धूम रही। न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में सैकड़ों लोगों ने योग किया, जबकि जापान और ऑस्ट्रेलिया में भारतीय दूतावासों ने विशेष आयोजन किए।
विपक्ष ने भी योग दिवस की सराहना की, लेकिन कुछ नेताओं ने सरकार पर “योग को राजनीतिक रंग देने” का आरोप लगाया। एक एक्स पोस्ट में लिखा, “योग सबका है, इसे BJP का प्रचार न बनाएं।” जवाब में, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “योग राजनीति से परे है, यह मानवता की सेवा है।”
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने योग को मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया। सोशल मीडिया पर #YogaDay2025 ट्रेंड किया, जहां लोगों ने योग की तस्वीरें और अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों का कहना है कि योग की वैश्विक स्वीकार्यता भारत की सांस्कृतिक शक्ति को दर्शाती है। इस आयोजन ने एक बार फिर भारत को विश्व गुरु के रूप में स्थापित किया।

