मुंबई। देश में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण ने जीवनदायनी नदियों को नहीं छोड़ा है। आज देश की सभी बड़ी नदियां जल प्रदूषण के चलते निरंतर दूषित हो रही हैं। आदि गंगा के नाम से पहचान रखने वाली गंगा की सहायक गोमती नदी, जल प्रदूषण के चलते लगातार दूषित हो रही है। पूर्वांचल विकास परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार से अपील की है कि गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस और प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि आज से 30 साल पहले तक गोमती नदी का पानी बिल्कुल स्वच्छ और निर्मल था। नदी के किनारे रहने वाले लोग पेयजल तक के रूप में इसके पानी का उपयोग करते थे। उन्होंने कहा कि आज घर-घर शौचालय बन जाने के चलते नदी के किनारे सर्वत्र स्वच्छता तो दिखाई दे रही है, परंतु जल की गुणवत्ता इतनी खराब है कि लोग स्नान करने से भी परहेज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोमती नदी, जौनपुर की विशिष्ट पहचान है। नदिया के पार जैसी लोकप्रिय भोजपुरी फिल्म की पूरी शूटिंग जौनपुर के केराकत में गोमती नदी तथा उसके किनारे बसे गांवों में हुई थी। डॉ द्रिगेश यादव ने कहा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से होकर बहने वाली गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में सरकार के साथ-साथ लोगों की सहभागिता आवश्यक है। एक बार फिर हम सबको गोमती नदी की पहचान को वापस लाना है।
गोमती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए सरकार: डॉ. द्रिगेश यादव

अपनी भाषा चुने।
You Might Also Like
Leave a Comment
Recent Posts
- परिश्रम द्वारा आयोजित नेत्र चिकित्सा शिविर का 500 जरूरतमंद लोगों ने उठाया लाभ
- ज्योतिरादित्य इंस्टिट्यूट ऑफ़ फार्मेसी ने निकाली जागरूकता रैली
- सनातन थीम की टाउनशिप विकसित करने पर निवेशक करें विचार : रविंद्र जायसवाल
- डॉ जिज्ञासा तिवारी ने किया जौनपुर का नाम रोशन
- SIR विवाद में भूचाल: 13 करोड़ नाम हटने पर बवाल, ECI में 14 बार आंतरिक मतभेद का खुलासा; मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, CJP का CEC ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम
