मुंबई। विद्वान और शिक्षाविद् अधिवक्ता मुहम्मद बहाऊद्दिन की स्मृति में फारुगे उर्दू सोसाइटी नांदेड़ और बानू एजुकेशन सोसाइटी नांदेड़ के सहयोग से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी और राज्य आदर्श शिक्षक पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया । यह कार्यक्रम उर्दू घर, नांदेड़ में हुआ। शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण समर्पण, जुनून और प्रतिबद्धता के साथ काम करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए राज्य स्तरीय प्रतिष्ठित समारोह “आदर्श शिक्षा पुरस्कार” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक विक्रम वसंत राव काडे ने की और विशेष अतिथियों में एडवोकेट सिराज देशमुख (पूर्व विधायक), प्रो. मुहम्मद अब्दुल समीह सिद्दीकी (निदेशक MANUU हैदराबाद), मुफ्ती अयूब कासमी (खतीब और वज़ीराबाद नंदीज़ मस्जिद के इमाम), डी.बी. जम्ब्रोंकर साहब (सदस्य महाविद्यालय विकास समिति), एमए गफ्फार (संस्थापक और प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र राज्य उर्दू शिक्षक संघ) और तोसिफ़ परवेज़ (उर्दू समन्वयक SCERT पुणे) उपस्थित रहे।शोएब अहमद अब्दुल सईद को राज्य आदर्श शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया। इसी कार्यक्रम के प्रथम भाग में ” ताक्सीम हिंद के बाद उर्दू अफसानवी नसर” शीर्षक से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही देश के प्रख्यात समीक्षकों एवं शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। इस कार्यक्रम में राज्य के प्रतिष्ठित शिक्षकों और विद्वानों ने भाग लिया, जिन्होंने सकारात्मक और शैक्षणिक माहौल को बढ़ावा दिया और उर्दू के लिए काम किया। इन लोगों में से शोएब अहमद अब्दुल सईद ने अपना शोध पत्र “तकसीम हिंद के बाद अहम ड्रामानिगार” प्रस्तुत किया।

