‘युद्ध नहीं, संवाद’ ही वैश्विक समस्याओं की चाबी: राजनाथ सिंह
नई दिल्ली/अस्ताना: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक सुरक्षा और शांति को लेकर भारत का विजन साझा किया। दुनिया भर में जारी अस्थिरता के बीच उन्होंने साफ कहा कि आज का समय संघर्ष का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और एकजुटता का है। उन्होंने आतंकवाद को वैश्विक शांति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और भारत की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उल्लेख किया।
SCO की भूमिका और वैश्विक चुनौतियां
राजनाथ सिंह ने कहा कि SCO क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से साझा सांस्कृतिक विरासत और व्यापारिक मार्गों का केंद्र रहा है। हालांकि, वर्तमान में बढ़ते एकतरफावाद और मुखर होते मतभेदों ने वैश्विक सहमति को कमजोर कर दिया है। उन्होंने जोर दिया कि युद्धों से होने वाले जान-माल के नुकसान को देखते हुए अब सुरक्षा तंत्र को नए नजरिए से सोचने की जरूरत है।
तीन प्रमुख स्तंभ: राजनाथ सिंह के संबोधन का सार
1. संवाद और कूटनीति: मेज पर ही निकलेगा समाधान रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि युद्ध और हिंसा कभी भी समाधान नहीं हो सकते। उन्होंने कहा:
“किसी भी विवाद का हल केवल मेज पर बैठकर ही निकाला जा सकता है।” आज जब दुनिया खंडित हो रही है, तब संवाद और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है जो राष्ट्रों के बीच की खाई को पाट सकता है।
2. वसुधैव कुटुंबकम: शांति का आधार भारत के प्राचीन दर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (विश्व एक परिवार है) के महत्व को समझाया। राजनाथ सिंह ने कहा कि इसी सिद्धांत के आधार पर दुनिया में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है। जब हम विश्व को एक परिवार के रूप में देखेंगे, तभी सहयोग की भावना प्रबल होगी।
3. सहयोग बनाम संघर्ष: साझा समृद्धि का मार्ग उन्होंने चेतावनी दी कि संघर्षों से केवल विनाश होता है और भारी मानवीय क्षति होती है। इसके विपरीत, आपसी सहयोग ही वह रास्ता है जिससे ‘साझा समृद्धि’ हासिल की जा सकती है। उन्होंने देशों से अपील की कि वे संघर्ष का रास्ता छोड़कर विकास और सहयोग पर ध्यान केंद्रित करें।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ आज दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने भारत के सख्त रुख को इन बिंदुओं में रखा:
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ऑपरेशन सिंदूर: यह भारत की आतंकवाद के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का प्रतीक है।
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नो डबल स्टैंडर्ड्स: आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं होने चाहिए। सीमा पार और स्टेट-स्पॉन्सर्ड आतंकवाद पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।
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RATS की भूमिका: आतंकवाद और अलगाववाद से निपटने के लिए SCO के ‘रीजनल एंटी-टेरर स्ट्रक्चर’ (RATS) को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
