मंगलवार (6 अक्टूबर) को संसद भवन से चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय की ओर विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसदों द्वारा निकाले गए मार्च के दौरान बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी के विरोध में मार्च निकाल रहे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और उन्हें बस में बैठाकर ले गई।
अखिलेश यादव की हिरासत की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया। राज्य के अलग-अलग जिलों में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया और बीजेपी तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले फूंके।
विभिन्न जिलों में प्रदर्शन की प्रमुख घटनाएं:
- आगरा: सपा कार्यकर्ता ECI ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने के लिए शहीद स्मारक पहुंचे थे। पुतला दहन के प्रयास के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा सपा कार्यकर्ता को लात-थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
- बस्ती: यहां सपाईयों ने आक्रोशित होकर गृह मंत्री अमित शाह और ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। हैरानी की बात यह रही कि स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) को इस बात की भनक तक नहीं लगी। पुतला दहन के बाद जिलाधिकारी कार्यालय पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
- उन्नाव: पूर्व सांसद अन्नू टंडन के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता जमीन पर बैठकर बीजेपी और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए, जिसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।
- लखनऊ: राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में अखिलेश यादव की रिहाई की मांग को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे कुछ कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया।
विरोध प्रदर्शन के मुख्य बिंदु:
- कारण: संसद से ECI मुख्यालय तक मार्च, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित वोट चोरी की मांग।
- प्रमुख कार्रवाई: दिल्ली पुलिस द्वारा अखिलेश यादव को हिरासत में लेना।
- यूपी का रिएक्शन: आगरा, बस्ती, उन्नाव और लखनऊ सहित कई जिलों में उग्र प्रदर्शन, पुतले फूंकना और पुलिस से झड़प।

