धनबाद, 6 अक्टूबर 2026। दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने को लेकर धनबाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और विधि-व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के पालन के संबंध में अंडरटेकिंग देना अनिवार्य होगा।
पंडालों के लिए फायर, भवन और बिजली विभाग से एनओसी जरूरी
प्रत्येक पूजा पंडाल को अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी, भवन प्रमंडल से पंडाल की मजबूती तथा विद्युत विभाग से वायरिंग और विद्युत लोड संबंधी एनओसी लेना अनिवार्य किया गया है।
पंडाल निर्माण में सिंथेटिक, नायलॉन अथवा अन्य ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। पंडालों में वैध अग्निशामक यंत्र, बालू से भरी बाल्टियां, फर्स्ट एड बॉक्स तथा बिजली बाधित होने की स्थिति में इन्वर्टर या जेनरेटर की वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला-पुरुष के लिए अलग कतार, सीसीटीवी और वॉलंटियर अनिवार्य
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं निकास व्यवस्था बनाने, पर्याप्त बैरिकेडिंग और वेंटिलेशन की व्यवस्था करने तथा खोया-पाया केंद्र स्थापित करने को कहा गया है।
पूजा समितियों को पहचान-पत्र और निर्धारित ड्रेस कोड वाले पर्याप्त संख्या में वॉलंटियर तैनात करने होंगे। वॉलंटियरों की सूची मोबाइल नंबर सहित संबंधित थाना में उपलब्ध करानी होगी।
सभी प्रमुख पंडालों में इंटरनेट से जुड़े सीसीटीवी कैमरे और एलईडी स्क्रीन लगाने तथा डायल-112, स्थानीय थाना और नियंत्रण कक्ष के नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध
दुर्गा पूजा पंडालों और विसर्जन जुलूस में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल निर्धारित समय और निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर ही किया जा सकेगा। प्रशासन ने पूजा समितियों को इस आदेश का सख्ती से पालन करने को कहा है।
उत्कृष्ट पूजा समितियों को मिलेगा नकद पुरस्कार
सुरक्षा, स्वच्छता और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करने वाली पूजा समितियों को प्रोत्साहित करने के लिए नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।
– प्रथम पुरस्कार – ₹51,000
– द्वितीय पुरस्कार – ₹41,000
– तृतीय पुरस्कार – ₹31,000
– चतुर्थ से दसवें स्थान तक – ₹11,000 प्रत्येक
विसर्जन स्थलों पर गोताखोर और बैरिकेडिंग
विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। प्रमुख जलाशयों में बैरिकेडिंग, नाव, प्रशिक्षित गोताखोर, वॉच टावर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था रहेगी। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की भी तैनाती की जाएगी।
विसर्जन जुलूस में शामिल वाहनों के चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य रहेगा। मार्ग में वाहन खराब होने की स्थिति से निपटने के लिए क्रेन की व्यवस्था भी की जाएगी। प्रशासन ने छोटे बच्चों को विसर्जन जुलूस में शामिल नहीं करने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर भी रहेगी नजर
पूजा के दौरान अफवाह, भड़काऊ सामग्री और आपत्तिजनक पोस्ट पर रोक लगाने के लिए विशेष साइबर मॉनिटरिंग सेल सक्रिय रहेगा। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक अथवा भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
सड़क और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश
उपायुक्त ने पथ निर्माण विभाग और नगर निकाय को पूजा पंडालों, मुख्य सड़कों और संपर्क मार्गों की तत्काल मरम्मत कराने का निर्देश दिया। वहीं विद्युत विभाग को जर्जर, लटकते और खतरनाक बिजली तारों तथा पोलों को युद्धस्तर पर दुरुस्त करने को कहा गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोविंदपुर समेत प्रमुख चौक-चौराहों से हटेगा अतिक्रमण
पूजा के दौरान जाम की समस्या से निपटने के लिए गोविंदपुर मुख्य बाजार सहित जिले के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से अतिक्रमण हटाने की तैयारी की गई है। संबंधित अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को सड़कों एवं फुटपाथों पर अवैध रूप से लगाए गए ठेले, दुकान और अन्य अवरोध हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र हाई अलर्ट पर
दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए जिले के अस्पतालों, सीएचसी और पीएचसी को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है। आवश्यक दवाइयों, एंबुलेंस, आपातकालीन वार्ड और पर्याप्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की ड्यूटी सुनिश्चित करने के साथ पूजा पंडालों में मेडिकल टीम उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग पंडालों और आसपास लगाए गए खाद्य स्टॉलों की जांच करेगा। तेल, मसाले, दूध-पनीर, चाट-पकौड़ी और पेय पदार्थों की गुणवत्ता तथा साफ-सफाई की जांच की जाएगी। मिलावटी खाद्य सामग्री अथवा स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
महिला सुरक्षा पर विशेष जोर
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को पूजा के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर जोर देते हुए संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों से निगरानी कराने का निर्देश दिया।
पूजा समितियों के साथ समन्वय कर प्रमुख पंडालों में सीसीटीवी, प्रवेश-निकास पर बैरिकेडिंग और हेल्पलाइन बूथ सक्रिय रखने को कहा गया है।
नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है। भीड़भाड़ वाले पंडालों में बच्चों की जेब में नाम, पता और मोबाइल नंबर वाली पर्ची रखने, कीमती आभूषणों से बचने और दोपहिया वाहनों में डबल लॉक का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
किसी भी लावारिस वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल डायल-112 या नजदीकी पुलिसकर्मी को देने की अपील की गई है। प्रशासन ने पूजा के दौरान अनावश्यक निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने की भी अपील की, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
- बैठक में उप विकास आयुक्त सन्नी राज, नगर आयुक्त आशीष गंगवार, ग्रामीण एसपी एस. मो. याकूब, प्रशिक्षु आईपीएस अंकित सिन्हा, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, अनुमंडल पदाधिकारी लोकेश बारंगे, निदेशक डीआरडीए राजीव रंजन सहित जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी, अंचल अधिकारी, बीडीओ, एसडीपीओ, डीएसपी, थाना प्रभारी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।


