By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: ध्रुव राठी को घर से उठा लिया गया: जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही क्यों रोक दिया गया युवाओं का आवाज़?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > एक्सक्लूसिव > ध्रुव राठी को घर से उठा लिया गया: जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही क्यों रोक दिया गया युवाओं का आवाज़?
एक्सक्लूसिवताज़ा ख़बरेंदेशराजनीति

ध्रुव राठी को घर से उठा लिया गया: जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही क्यों रोक दिया गया युवाओं का आवाज़?

Anam Fatima
Last updated: October 10, 2026 11:00 am
Anam Fatima
9 hours ago
Share
ध्रुव राठी की हिरासत और जंतर मंतर पर CJP प्रदर्शन से जुड़ी खबर
जंतर मंतर पर CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने से पहले ध्रुव राठी की हिरासत ने शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर सवाल खड़े किए।
SHARE

अपनी भाषा चुने।

शनिवार सुबह गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित आवास से मशहूर यूट्यूबर ध्रुव राठी को हिरासत में ले लिया गया। दिल्ली पुलिस और गुरुग्राम पुलिस की टीम उनके घर पहुंची और उन्हें ले गई। वजह साफ थी — वे आज जंतर मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे।

ये कोई आम हिरासत नहीं है। ये उन सैकड़ों हिरासतों में से एक है जो आज सुबह दिल्ली और आसपास हुईं। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी, इसलिए लोगों को रोका जा रहा है। लेकिन सवाल ये उठता है कि क्या सिर्फ अनुमति न होने का हवाला देकर किसी को उसके घर से उठा लेना लोकतंत्र की भावना के अनुकूल है?

क्या हुआ सुबह?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ध्रुव राठी गुरुग्राम के सेंट्रल पार्क विहार में अपने परिवार के साथ थे। सुबह करीब 7:45 से 8 बजे के बीच पुलिस टीम उनके आवास पर पहुंची। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि रात से ही उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी मौजूद थे। जब उनकी मां ने दरवाजा खोला, तो अधिकारी अंदर गए और उन्हें हिरासत में ले लिया।

ध्रुव राठी पिछले कुछ दिनों से चुनावी प्रक्रिया और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने दिल्ली में लगाए गए भारी प्रतिबंधों — मेट्रो स्टेशन बंद होना, ट्रेनें रद्द होना और इंटरनेट पर पाबंदी — की आलोचना भी की थी। सीजेपी ने उनके हिरासत की निंदा करते हुए तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की।

सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरी आवाज़ को रोकने की कोशिश

आज सुबह दिल्ली में करीब 150 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। कई जगहों पर लोग जंतर मंतर की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें रोका गया। रात भर में भी बड़ी संख्या में हिरासतें हुईं।

जब कोई लोकप्रिय चेहरा, जो युवाओं के बीच प्रभाव रखता है, घर से उठा लिया जाता है, तो संदेश साफ हो जाता है। संदेश ये कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना और शांतिपूर्ण तरीके से जंतर मंतर (जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा मान्य प्रदर्शन स्थल है) पहुंचने की कोशिश करना भी अब आसान नहीं रहा।

सीजेपी और छात्र संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वोटर लिस्ट के संशोधन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। ये मांग कोई नई नहीं है। युवा पिछले कई महीनों से शिक्षा व्यवस्था और अब चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। जुलाई में उनके आंदोलन ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक का नतीजा निकाला था।

अनुमति का तर्क और असली सवाल

पुलिस बार-बार कह रही है कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी। लेकिन जंतर मंतर एक निर्धारित प्रदर्शन स्थल है। जब लोग वहां पहुंचने की कोशिश करते हैं और उन्हें घर से या रास्ते से रोक लिया जाता है, तो सवाल उठता है कि विरोध का अधिकार कितना सुरक्षित बचा है।

ध्रुव राठी ने खुद सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे प्रदर्शन में शामिल होंगे। पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन जब वे नहीं माने तो हिरासत का सहारा लिया गया। ये तरीका कई लोगों को असहज कर रहा है। क्योंकि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ सवाल पूछने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण घर से उठाया जा सकता है, तो फिर आम युवाओं की स्थिति क्या होगी?

युवाओं की आवाज़ और व्यवस्था की प्रतिक्रिया

आज की घटनाएं सिर्फ ध्रुव राठी तक सीमित नहीं हैं। ये बड़े पैमाने पर हो रहे प्रिवेंटिव डिटेंशन का हिस्सा हैं। जब सिस्टम को लगता है कि युवा एकजुट होकर कोई मुद्दा उठा रहे हैं, तो प्रतिक्रिया तेज हो जाती है। मेट्रो बंद करना, ट्रेनें रद्द करना, इंटरनेट पर पाबंदी लगाना और फिर प्रभावशाली आवाज़ों को हिरासत में लेना — ये सब मिलकर एक तस्वीर बनाते हैं।

सीजेपी का कहना है कि सरकार युवाओं से डरी हुई है। ध्रुव राठी जैसे लोग जब इस मांग के साथ खड़े होते हैं, तो आवाज़ और तेज हो जाती है। इसलिए उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है।

संबंधित खबर

Pink Force या दमन का नया हथियार? Jantar Mantar 2.0 में महिलाओं की सुरक्षा का बहाना क्यों चल रहा है?

आखिरी सवाल

ध्रुव राठी की हिरासत ने एक बार फिर ये सवाल खड़ा कर दिया है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार कितना सुरक्षित है। जब कोई व्यक्ति सिर्फ इसलिए घर से उठाया जाए कि वह चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाले प्रदर्शन में शामिल होना चाहता था, तो ये सिर्फ एक हिरासत नहीं रह जाती। ये बड़े नैरेटिव का हिस्सा बन जाती है।

युवा पूछ रहे हैं — अगर सवाल पूछना और जंतर मंतर पहुंचना ही अपराध जैसा हो जाए, तो फिर विरोध का मतलब क्या बचा?

Contents
क्या हुआ सुबह?सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरी आवाज़ को रोकने की कोशिशअनुमति का तर्क और असली सवालयुवाओं की आवाज़ और व्यवस्था की प्रतिक्रियाआखिरी सवाल

You Might Also Like

मीरगंज से निकाली गयी भव्य शौर्य जागरण यात्रा
जी7 शिखर सम्मेलन में खालिस्तानी खतरा
ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड लैमी का भारत दौरा
दीवार बनवाने के दौरान मनबढ़ों ने किया हमला, वृद्ध पिता- पुत्र घायल
दिव्यांगों की सेवा करना मेरा परम सौभाग्य– IAS अभिषेक सिंह
TAGGED:CJP ProtestDhruv RatheeDhruv Rathee DetainedJantar MantarSIR विवादगुरुग्राम पुलिसचुनाव आयोगजंतर-मंतर प्रदर्शनज्ञानेश कुमारदिल्ली पुलिसध्रुव राठीयुवा आंदोलनराजनीतिक खबरेंलोकतंत्रशांतिपूर्ण विरोध
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article Pink Force की तैनाती और Jantar Mantar 2.0 प्रदर्शन से जुड़ा दृश्य Pink Force या दमन का नया हथियार? Jantar Mantar 2.0 में महिलाओं की सुरक्षा का बहाना क्यों चल रहा है?
Next Article CJP लीडर्स हिरासत में: प्लेन से ही उठाए गए अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका प्लेन से ही हिरासत में लिए गए CJP के तीनों लीडर्स, अभिजीत दीपके बोले- ‘मैं अरेस्ट होने ही आया हूं’
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष में एसएम खान द्वारा मुफ्त चिकित्सा शिविर का आयोजन
  • मृतक आश्रितों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिले कैशलेस चिकित्सा का लाभ : एसपी तिवारी
  • केडीआर फाउंडेशन द्वारा नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन
  • पूर्वांचल के विकास पुरुष पूर्व सांसद कमला प्रसाद सिंह की मनाई गई जयंती
  • सोनम वांगचुक का अल्टीमेटम: “अघोषित इमरजेंसी” में हिरासत वाले रविवार तक नहीं छोड़े गए तो फिर अनशन

Recent Comments

  1. Akhand Rashtra on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
  2. Akhand Rashtra on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  3. Bhaskar Singh on माता भाग्यलक्ष्मी के दर्शनोपरांत रामराज्य सभा का समापन
  4. Ryan F on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  5. AlyciaH on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 20 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up