धनबाद SNMMCH में चार दिनों से ऑक्सीजन प्लांट बंद, मरीजों की बढ़ी परेशानी
ऑक्सीजन बेड होने के बावजूद पाइपलाइन से आपूर्ति बाधित, वैकल्पिक व्यवस्था पर उठे सवाल
धनबाद। शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट पिछले चार दिनों से बंद रहने की सूचना है। इसके कारण ऑक्सीजन बेड पर भर्ती मरीजों को पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रभावित बताई जा रही है। ऐसे में इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
नोटिस लगाकर दी गई खराबी की जानकारी
अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन प्लांट खराब होने की सूचना से संबंधित नोटिस चिपकाया गया है। हालांकि, गंभीर मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन की अहम भूमिका को देखते हुए इस व्यवस्था के लंबे समय तक बाधित रहने पर सवाल उठ रहे हैं। मरीजों के परिजनों की चिंता है कि जरूरी चिकित्सा सुविधा प्रभावित होने की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन की ओर से क्या वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं।
ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों की बढ़ी चिंता
SNMMCH धनबाद और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए एक प्रमुख सरकारी चिकित्सा केंद्र है। यहां दूर-दराज से लोग बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए समय पर ऑक्सीजन मिलना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में प्लांट बंद रहने और पाइपलाइन से आपूर्ति प्रभावित होने की खबर ने अस्पताल की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मरीज के परिजन अंकित राजगढ़िया ने भी अस्पताल की व्यवस्था पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि लोग बेहतर इलाज की उम्मीद में यहां आते हैं, लेकिन आवश्यक सुविधाओं में परेशानी होने से उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
स्वास्थ्य सुविधाओं के दावों के बीच व्यवस्था पर सवाल
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकारी अस्पतालों में बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के दावों के बीच SNMMCH की यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। स्वास्थ्य मंत्री के धनबाद दौरे के दौरान भी अस्पताल की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया जाता रहा है। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट के लगातार बंद रहने की सूचना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि मरीजों को जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तत्काल क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
मरम्मत के साथ वैकल्पिक व्यवस्था भी जरूरी
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की खराबी को दूर करना जितना जरूरी है, उतना ही आवश्यक है कि इस दौरान मरीजों को ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट करना चाहिए कि प्लांट कब तक ठीक होगा और तब तक जरूरतमंद मरीजों के लिए किस तरह की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
फिलहाल मरीजों और उनके परिजनों को राहत मिलने का इंतजार है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस समस्या को दूर करने के लिए कितनी जल्दी कदम उठाता है और ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था कब सामान्य होती है।


