लखनऊ: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस की ओर से चुनावों में कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस की लगातार चुनावी हार का कारण वोट चोरी नहीं, बल्कि कामचोरी है। उन्होंने कांग्रेस को अपने प्रदर्शन पर आत्ममंथन करने की सलाह भी दी।
कांग्रेस की हार पर राजनाथ सिंह का तंज
राजनाथ सिंह ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से केंद्र की सत्ता से बाहर है और उसे अपनी चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन की तुलना भाजपा से करते हुए कहा कि भाजपा कभी केवल दो लोकसभा सीटों वाली पार्टी थी, लेकिन बाद में उसने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में पूर्ण बहुमत हासिल किया।
रक्षा मंत्री का कहना था कि राजनीतिक दलों को जनता का समर्थन अपने काम और नीतियों के आधार पर हासिल करना चाहिए। उनके अनुसार, चुनाव में हार के लिए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय पार्टी को अपने कामकाज और जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता की समीक्षा करनी चाहिए।
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर जवाब
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी और कांग्रेस की ओर से चुनाव प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी चुनावी असफलताओं का दोष चुनाव आयोग पर डाल रही है और एक संवैधानिक संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा रही है।
कांग्रेस की ओर से चुनावों में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हैं। वहीं, भाजपा के नेता इन आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस से सबूत और अपने राजनीतिक प्रदर्शन पर जवाब मांगते रहे हैं। इस तरह चुनाव प्रक्रिया को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार जारी है।
बांग्लादेश का जिक्र कर विपक्ष पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ सिंह ने विपक्ष के हालिया प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी चुनाव सुधारों के मुद्दे से आगे बढ़कर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने विपक्ष पर बांग्लादेश की घटनाओं से प्रेरित होकर सत्ता परिवर्तन की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। हालांकि, ये राजनाथ सिंह के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनावी राजनीति में तेज हुई बयानबाजी
राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच बहस तेज है। कांग्रेस इन मुद्दों पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा उसके आरोपों को राजनीतिक बताते हुए खारिज कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषण के लिहाज से यह विवाद केवल चुनावी हार-जीत तक सीमित नहीं है। इसके केंद्र में चुनाव प्रक्रिया पर भरोसा, राजनीतिक दलों की जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका जैसे सवाल भी हैं।
राजनाथ सिंह के बयान ने कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से इस बयान पर क्या प्रतिक्रिया आती है और वोट चोरी के आरोपों पर बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।


