लखनऊ/रामपुर। उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ सपा नेता आजम खान की मुलाकात को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने इस मुलाकात पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया। राजभर ने आरोप लगाया कि आगामी चुनाव को देखते हुए अखिलेश यादव आजम खान से मुलाकात कर मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रहे हैं।
राजभर ने मुलाकात के समय पर उठाए सवाल
ओम प्रकाश राजभर का कहना है कि आजम खान लंबे समय से जेल में हैं, लेकिन अखिलेश यादव उनसे मिलने अब पहुंचे हैं। राजभर ने इस मुलाकात को चुनावी राजनीति से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि अगर चुनाव नजदीक नहीं होते, तो क्या अखिलेश यादव आजम खान से मिलने जाते?
राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी इस मुलाकात के जरिए मुस्लिम मतदाताओं को अपने पक्ष में बनाए रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज के लोग अब सपा से राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल कर रहे हैं। हालांकि, ये राजभर के राजनीतिक आरोप हैं;
22 अक्टूबर को रामपुर जेल पहुंचे थे अखिलेश यादव
दरअसल, 22 अक्टूबर 2026 को अखिलेश यादव रामपुर पहुंचे थे, जहां उन्होंने जिला जेल में आजम खान से मुलाकात की। इसके बाद वह आजम खान के आवास पर गए और उनके परिवार के सदस्यों से भी मिले।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि आजम खान के साथ उनकी बातचीत अच्छी रही। उन्होंने आजम खान के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी और उनके जल्द स्वस्थ होने तथा न्याय मिलने की उम्मीद जताई। अखिलेश ने यह भी कहा कि आजम खान ने उनसे कोई सीट नहीं मांगी, बल्कि कुछ सुझाव दिए हैं।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी तेज होती दिखाई दे रही है। आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और रामपुर तथा आसपास के क्षेत्रों की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव की उनसे मुलाकात को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक ओर अखिलेश यादव ने मुलाकात के बाद आजम खान के साथ अपने संबंधों और न्याय की उम्मीद पर बात की, वहीं दूसरी ओर ओम प्रकाश राजभर ने इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर निशाना साधा है।


