By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: Delhi Bus Gangrape: महिला मुख्यमंत्री के राज में भी सुरक्षित नहीं बेटियां; आंकड़े जारी होते ही लोगों ने की इस्तीफे की मांग
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > अपराध > Delhi Bus Gangrape: महिला मुख्यमंत्री के राज में भी सुरक्षित नहीं बेटियां; आंकड़े जारी होते ही लोगों ने की इस्तीफे की मांग
अपराधएक्सक्लूसिवताज़ा ख़बरेंदेशराज्य

Delhi Bus Gangrape: महिला मुख्यमंत्री के राज में भी सुरक्षित नहीं बेटियां; आंकड़े जारी होते ही लोगों ने की इस्तीफे की मांग

Digital Desk - Lucknow
Last updated: May 14, 2026 10:23 pm
Digital Desk - Lucknow
1 month ago
Share
Delhi Bus Gangrape: महिला मुख्यमंत्री के राज में भी सुरक्षित नहीं बेटियां; आंकड़े जारी होते ही लोगों ने की इस्तीफे की मांग
SHARE

अपनी भाषा चुने।

Delhi Bus Gangrape: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर शर्मसार हुई है। साल 2012 के उस खौफनाक ‘निर्भया कांड’ के करीब 14 साल बाद, दिल्ली की सड़कों पर एक चलती बस के भीतर महिला से दरिंदगी की रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात ने पूरे देश के खून को खौला दिया है। मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करने वाली 30 वर्षीय महिला के साथ चलती स्लीपर बस में सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसे नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास सड़क पर फेंक दिया गया।

Contents
Delhi Bus Gangrape: समय पूछने का झांसा देकर बस में खींचा, और किया दुष्कर्मभाजपा का दोहरा चरित्र: एक तरफ पीड़िता की मां को टिकट, दूसरी तरफ आरोपियों को संरक्षण?सीएम रेखा गुप्ता के कार्यकाल में दिल्ली में बढ़ा रेप का ग्राफ: चौंकाने वाले आंकड़े“एक महिला होकर भी बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहीं, तो छोड़िए मुख्यमंत्री पद”खोखले नारों के बीच सुलगती दिल्ली: जनता पूछे कब तक?

इस भयावह घटना ने राजधानी में महिला सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। इस कांड के बाद दिल्ली की राजनीति में उबाल आ गया है और सीधे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है।

Delhi Bus Gangrape: समय पूछने का झांसा देकर बस में खींचा, और किया दुष्कर्म

पुलिस और जांचकर्ताओं के अनुसार, सोमवार रात पीड़िता काम से घर लौट रही थी और सरस्वती विहार इलाके के बी-ब्लॉक बस स्टैंड पर खड़ी थी। वहां बिहार नंबर की एक प्राइवेट स्लीपर बस रुकी। महिला ने जब समय पूछने के लिए खिड़की के पास खड़े शख्स से बात की, तो आरोपियों ने उसे झांसा देकर पास बुलाया और जबरन चलती बस के भीतर खींच लिया।

  • सुरक्षा तंत्र फेल: बस की खिड़कियों पर गहरे रंग के पर्दे लगे हुए थे, जिसके कारण बाहर से कुछ भी देखना नामुमकिन था। बस दिल्ली की वीरान सड़कों पर दौड़ती रही और बस के भीतर उमेश (ड्राइवर) और रामेंद्र (कंडक्टर) नामक दरिंदे महिला की अस्मत से खेलते रहे।

  • सड़क पर फेंका: वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने पीड़िता को नांगलोई मेट्रो स्टेशन के पास बेसहारा छोड़ दिया और फरार हो गए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के तहत गैंगरेप की धाराओं में मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस घटना ने दिल्ली की कानून व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।

यह भी पढ़े: NEET UG 2026 Paper Leak का महा-घोटाला: पेपर लीक ने खोली सरकारी दावों की पोल!

- Advertisement -
anaya's kitchenanaya's kitchen

भाजपा का दोहरा चरित्र: एक तरफ पीड़िता की मां को टिकट, दूसरी तरफ आरोपियों को संरक्षण?

इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा नेतृत्व वाली सरकार विपक्ष के तीखे हमलों के घेरे में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों और विपक्षी नेताओं ने मुख्यमंत्री के ‘दोहरे चरित्र’ पर सीधे सवाल दागे हैं।

चर्चा इस बात को लेकर गर्म है कि एक तरफ बीजेपी ने कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की मृत पीड़िता की मां को न्याय के नाम पर चुनावी टिकट देकर चुनाव जितवाया और खुद को महिलाओं का मसीहा साबित करने की कोशिश की, लेकिन दूसरी तरफ उनकी ही पार्टी के भीतर और प्रशासनिक तंत्र में ऐसे आपराधिक तत्वों और कथित तौर पर बलात्कारियों की मानसिकता वाले लोगों को टिकट बांटने और संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि यह केवल चुनावी रोटियां सेकने की राजनीति है, धरातल पर बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार का रवैया पूरी तरह खोखला है।

सीएम रेखा गुप्ता के कार्यकाल में दिल्ली में बढ़ा रेप का ग्राफ: चौंकाने वाले आंकड़े

जब से दिल्ली की सत्ता पर मुख्यमंत्री के तौर पर रेखा गुप्ता काबिज हुई हैं, तब से देश की राजधानी में महिलाओं के खिलाफ अपराध और दुष्कर्म के मामलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी और गैर-सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए राजनीतिक संगठनों ने दावा किया है कि दिल्ली में रोजाना औसतन 5 से 6 दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं, जो इस बात का सबूत है कि ‘दोषियों को तुरंत सजा’ के सारे दावे सिर्फ कागजी हैं।

सीसीटीवी कैमरों, बसों में पैनिक बटन और पीसीआर वैन की मुस्तैदी के सारे वादे इस चलती बस के भीतर दम तोड़ गए। दिल्ली का आम नागरिक अब यह पूछ रहा है कि देश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली वीवीआईपी (VVIP) सिटी में अगर एक कामकाजी महिला सुरक्षित नहीं है, तो फिर सुरक्षा का दावा किसके लिए है?

“एक महिला होकर भी बेटियों को सुरक्षा नहीं दे पा रहीं, तो छोड़िए मुख्यमंत्री पद”

इस घटना के बाद लोगों ने रेखा गुप्ता से इस्तीफे की मांग शुरू कर दी है, हालाकि उन आवाजों को भी दबाने मे भाजपा अब तक कामयाब रही है । सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक लोग मुख्यमंत्री के खिलाफ अपना आक्रोश दर्ज करा रहे हैं।

विपक्षी सांसदों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सबसे बड़ी विडंबना है कि दिल्ली की कमान खुद एक महिला मुख्यमंत्री के हाथ में है, इसके बावजूद देश की राजधानी की बेटियां सड़कों पर तड़प रही हैं और उनके साथ निर्भया जैसा बर्बर सुलूक दोबारा हो रहा है। यदि एक महिला मुख्यमंत्री होने के नाते भी वे दिल्ली की महिलाओं को सुरक्षित माहौल और भयमुक्त रातें नहीं दे पा रही हैं, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। सत्ता पर बने रहने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।

खोखले नारों के बीच सुलगती दिल्ली: जनता पूछे कब तक?

“आखिर कब तक देश की राजधानी में बेटियों की आबरू को चंद सिक्कों और चुनावी रोटियों के तराजू में तौला जाता रहेगा? एक तरफ तो बड़ी-बड़ी रैलियों में महिला सशक्तिकरण का ढोंग रचा जाता है, पीड़ितों के परिवारों को सियासी मंचों पर मोहरा बनाकर वोट बटोरे जाते हैं, और दूसरी तरफ दिल्ली की सड़कों पर दरिंदे कानून की धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम घूमते हैं। यह घिनौनी वारदात सिर्फ एक महिला के जिस्म पर चोट नहीं है, बल्कि यह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के उस पूरे प्रशासनिक तंत्र के मुंह पर एक करारा तमाचा है जो हर बार ‘बेटी सुरक्षा’ का खोखला राग अलापता है। दिल्ली की जनता अब झूठे आश्वासनों और कागजी आंकड़ों से थक चुकी है। जनता की आंखों में भरा यह आक्रोश साफ कह रहा है—अब बहुत हुआ नाटक, अगर अपनी ही नाक के नीचे देश की राजधानी की सड़कों को सुरक्षित नहीं रख सकते, तो कुर्सी खाली करो, क्योंकि इस निकम्मे और संवेदनहीन तंत्र को ढोने की मजबूरी अब इस देश के नागरिकों की नहीं है!”

यह भी पढ़े: माफिया Vijay Mishra को उम्रकैद, 46 साल पुराने प्रयागराज कचहरी मर्डर केस में कोर्ट का बड़ा फैसला

You Might Also Like

भायंदर में प्रस्तावित कत्लखाना का कड़ा विरोध, एड रवि व्यास ने दी आंदोलन की चेतावनी
बदलापुर तहसील क्षेत्र की आकांक्षा दुबे का भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र में चयन।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट की ऑनलाइन काव्यगोष्ठी संपन्न
अहमदाबाद विमान हादसा: फ्यूल स्विच ऑफ होने से क्रैश
*नगर सिंगाही के सम्भ्रांत लोगों ने कस्बे के विकास को लेकर उपमुख्यमंत्री से की मुलाकात*
TAGGED:Delhi Crime News BNS.दिल्ली चलती बस में गैंगरेपदिल्ली महिला सुरक्षा फेलनिर्भया कांड पार्ट 2मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस्तीफा
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article NEET UG 2026 Paper Leak NEET UG 2026 Paper Leak का महा-घोटाला: पेपर लीक ने खोली सरकारी दावों की पोल!
Next Article Rajya Sabha 2026 Rajya Sabha 2026 का महा-संग्राम: 10 राज्यों में 18 जून को पड़ेंगे वोट
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • बच्चों को “दो बूंद जिंदगी की” पिलाकर डीडीसी ने किया पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ
  • Operation Sindoor के शहीदों पर संसद में बोला झूठ? 1 साल तक शहादत छुपाने के पीछे की गंदी राजनीति पर विपक्ष का आक्रोश
  • Dulha Murder Case: अदालतें बंद कर दो? दूल्हा हत्याकांड में बहन की ‘एनकाउंटर जस्टिस’ की जिद पर सवाल
  • SIR 2026 को सफल बनाने के लिए राजनीतिक दलों के साथ हुई अहम बैठक, सभी बूथों पर BLA-2 नियुक्त करने का निर्देश
  • नदी किनारे अवैध खनन और ओबी डंपिंग पर सख्त कार्रवाई, सीओ व थाना प्रभारी होंगे जवाबदेह : उपायुक्त

Recent Comments

  1. Akhand Rashtra on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
  2. Akhand Rashtra on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  3. Bhaskar Singh on माता भाग्यलक्ष्मी के दर्शनोपरांत रामराज्य सभा का समापन
  4. Ryan F on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  5. AlyciaH on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up