लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले रोजगार का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं को रोजगार तभी मिलेगा, जब मुख्यमंत्री को सत्ता से हटाया जाएगा।
23 अक्टूबर 2026 को दिए गए बयान में अखिलेश यादव ने बेरोजगारी को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के रास्ते में भाजपा सरकार खड़ी है।
2027 चुनाव से पहले रोजगार पर सियासत
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी केवल सपने दिखाने की राजनीति नहीं करती, बल्कि संघर्ष और जमीनी स्तर पर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद युवाओं को रोजगार पाने और अपना भविष्य बनाने के बेहतर अवसर मिलेंगे।
सपा प्रमुख ने महंगाई और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनके बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
योगी सरकार का क्या है पक्ष?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रोजगार के मुद्दे पर लगातार सपा को घेर रहे हैं। अक्टूबर में उन्होंने अगले छह महीनों में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने की बात कही थी। साथ ही, उन्होंने सपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे
ऐसे में रोजगार को लेकर भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
युवाओं के लिए रोजगार बनेगा बड़ा चुनावी मुद्दा?
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बेरोजगारी, सरकारी भर्तियां और महंगाई जैसे मुद्दे राजनीतिक दलों की रणनीति का अहम हिस्सा बनते दिखाई दे रहे हैं। अब देखना होगा कि भाजपा सरकार रोजगार के अपने वादों पर कितना आगे बढ़ती है और विपक्ष इन मुद्दों को जनता के बीच किस तरह उठाता है।


