कानपुर: महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर के बिठूर स्थित ऐतिहासिक महर्षि वाल्मीकि आश्रम में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने नानाराव पेशवा पार्क से कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने अयोध्या के विकास और विरासत को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा जुबानी हमला बोला।
विपक्षी दलों की मानसिकता और अयोध्या के पुराने हालात
CM Yogi ने अयोध्या की पुरानी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले जब प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का शासन था, तब अयोध्या उपेक्षा का शिकार थी। उन्होंने कहा कि उस दौर में सड़कें जर्जर थीं, बिजली का कोई अता-पता नहीं रहता था और चारों तरफ गंदगी का साम्राज्य था। CM Yogi ने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के संस्कार ही गंदगी में रहने के हैं और उन्हें हमेशा गंदे कार्य करने की आदत रही है। यही वजह है कि जब हमारी सरकार ने अयोध्या के विकास की रूपरेखा तैयार की, तो इन दलों ने उसमें तरह-तरह की अड़चनें डालने का काम किया।”
विकास कार्यों में रोड़े अटकाने का आरोप
CM Yogi ने विपक्ष पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जब बीजेपी की डबल इंजन सरकार ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, आधुनिक एयरपोर्ट और सड़कों के चौड़ीकरण की योजना बनाई, तो विपक्षी नेताओं ने इसका खुलकर विरोध किया था। उन्होंने कहा कि विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अयोध्या का ऐसा कायाकल्प हुआ है कि आज वहाँ पहुँचने पर त्रेतायुग की अनुभूति होती है। सरकार ने न केवल प्रभु राम का भव्य मंदिर बनवाया, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए वाल्मीकि धाम और आसपास के पौराणिक स्थलों को भी संवारा है।
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“जहाँ नारी का सम्मान, वह धरती तीर्थ”
संबोधन के दौरान सीएम योगी ने सामाजिक समरसता और नारी सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस समाज और धरती पर नारी का सम्मान होता है, वह स्थान स्वयं तीर्थ बन जाता है। प्रभु राम तक पहुँचने का मुख्य माध्यम महर्षि वाल्मीकि ही हैं, जिन्होंने रामायण के जरिए पूरी दुनिया को रामकथा से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि, संत तुलसीदास, माता शबरी और निषादराज के भव्य मंदिरों का निर्माण कराया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहे हैं।


