लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में चुनावी सरगर्मी तेज करते हुए समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष AKhilesh Yadav ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग पर तीखे प्रहार किए हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि आगामी चुनावों से पहले बीजेपी वोटर लिस्ट में हेराफेरी और धांधली करने की कोशिश कर रही है। इस दौरान उन्होंने मांग की कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए वोटर लिस्ट को सीधे आधार कार्ड से जोड़ा जाना चाहिए और मतदान के दिन बायोमेट्रिक व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।
“वोटर लिस्ट में धांधली जारी, बायोमेट्रिक हो वोटिंग”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा कि जैसे-जैसे डेटा सामने आ रहा है, चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। उन्होंने नंदलाल निषाद और दशरथ विकास जैसे मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कई बूथों पर नामों में गड़बड़ी पाई गई है और विपक्षी दलों के दबाव में चुनाव आयोग अब मजबूरी में कार्रवाई कर रहा है। अखिलेश ने मांग की कि ‘वोट फिक्सिंग’ रोकने के लिए सरकार और चुनाव आयोग को सख्त कदम उठाते हुए वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ना चाहिए और बूथ स्तर पर बायोमेट्रिक पहचान लागू करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें: अखिलेश यादव का योगी सरकार पर हमला, बोले— मुख्यमंत्री हटेंगे तभी युवाओं को मिलेगा रोजगार
सपा सरकार बनने पर वाल्मीकि जयंती पर छुट्टी का ऐलान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी में शामिल हुए नए नेताओं का स्वागत करते हुए अखिलेश ने कहा कि इन साथियों के जुड़ने से ‘पीडीए’ (PDA) परिवार और मजबूत हुआ है, जिससे पूरब से लेकर पश्चिम तक राजनीतिक हलचल मच गई है। इस दौरान उन्होंने कई लोक-लुभावनी घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाएगा। साथ ही, वाल्मीकि समाज के लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक दिलाया जाएगा और युवाओं के लिए आउटसोर्सिंग की व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा।


