उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में बुधवार देर रात एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया। चरखारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने राजकीय कृषि बीज भंडार के प्रभारी को तीन थप्पड़ जड़ दिए। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें विधायक प्रभारी को अखिलेश यादव का आदमी बताते हुए गुस्से में दिख रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
चरखारी स्थित राजकीय कृषि बीज भंडार से सरकारी चने के बीज की कालाबाजारी की शिकायत विधायक बृजभूषण राजपूत तक पहुंची। शिकायत में बताया गया कि किसानों को मुफ्त या सब्सिडी पर मिलने वाला बीज रात के अंधेरे में पिकअप में लादकर बाहर भेजा जा रहा है।
विधायक अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि एक पिकअप में करीब 100 बोरियां चने का बीज लदा हुआ है। गोदाम प्रभारी सोनू यादव से जब पूछताछ शुरू हुई तो जवाब संतोषजनक नहीं मिला। विधायक का गुस्सा चरम पर पहुंच गया।
वीडियो में साफ सुनाई देता है कि विधायक सोनू यादव से कहते हैं- “सोनू यादव, तुम अखिलेश यादव से मिले हो क्या? तुम अखिलेश यादव के आदमी हो। गरीब किसानों की बलि क्यों चढ़ाना चाहते हो? बीज किसे भेज रहे थे, बताते क्यों नहीं?”
इसके बाद विधायक ने प्रभारी को एक के बाद एक तीन थप्पड़ जड़ दिए। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा- “इसके लिए जूतों की माला मंगाओ और लहंगा-चुनरी पहनाकर जुलूस निकालो। वरना ये लोग नहीं सुनते।”
आगे क्या हुआ?
घटना की सूचना मिलते ही कृषि विभाग और पुलिस मौके पर पहुंच गई। पिकअप और उसमें लदे बीज जब्त कर लिए गए। बीज की अनुमानित कीमत 4 से 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
कृषि विभाग की ओर से तहरीर दी गई, जिसके आधार पर थाना चरखारी में केस दर्ज कर लिया गया। गोदाम प्रभारी सोनू यादव समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने कहा कि आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
विधायक का पक्ष
बृजभूषण राजपूत का कहना है कि उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया। उनके अनुसार सरकारी बीज कालाबाजारी का शिकार हो रहा था और गरीब किसानों को इसका नुकसान हो रहा था। उन्होंने दावा किया कि प्रभारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे थे, इसलिए गुस्सा आ गया।
विवाद का पहलू
यह घटना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि ने सरकारी कर्मचारी को सार्वजनिक रूप से थप्पड़ मारे और राजनीतिक आरोप लगाए। वीडियो में विधायक का आक्रामक रवैया साफ दिखता है। कई लोग इसे कानून का उल्लंघन बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती करार दे रहे हैं।
महोबा पुलिस ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है कि कृषि विभाग की शिकायत पर केस दर्ज हो चुका है और जांच चल रही है। घटना का पूरा वीडियो सोशल मीडिया पर उपलब्ध है, जिसमें विधायक के बोल और थप्पड़ दोनों साफ दर्ज हैं।
यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि जब सरकारी व्यवस्था में गड़बड़ी की शिकायत आती है तो जनप्रतिनिधि और प्रशासन दोनों की भूमिका पर सवाल उठने लगते हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखने वाली बात होगी।
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