पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। संगरूर में आयोजित कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ के जरिए Rahul Gandhi ने राज्य के मूल मुद्दों—खासकर बेरोजगारी, औद्योगिक मंदी, कृषि संकट और नशे के दलदल में फंसती युवा पीढ़ी—को जोर-शोर से उठाया है।
“रोजगार के अभाव में पनप रहा है अपराध और नशा” -राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि जब उन्होंने कई साल पहले पहली बार पंजाब का दौरा किया था और राज्य में नशे के फैलने की बात कही थी, तब विरोधी दलों (बीजेपी और अकाली दल) ने उनकी बात को खारिज कर दिया था। आज वही समस्या राज्य की जड़ों को खोखला कर रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को बचाने के लिए राज्य में मजबूत उद्योगों, फैक्टड़ियों और एक सुदृढ़ कृषि क्षेत्र की सख्त जरूरत है। जब तक युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा नहीं किए जाएंगे, तब तक राज्य से नशा और गैंगस्टरवाद जैसी बुराइयों को पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। रोजगार के अभाव में युवा वर्ग इस रास्ते पर भटकने को मजबूर हो रहा है।
2027 के महासमर से पहले कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले चुनावों (जहां ‘आप’ ने 117 में से 92 सीटें जीतकर बंपर बहुमत हासिल किया था और कांग्रेस 18 सीटों पर सिमट गई थी) के बाद से कांग्रेस पार्टी पंजाब में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। राहुल गांधी का यह दौरा और ‘आप’ सरकार पर सीधा हमला इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में पंजाब की राजनीति में ड्रग्स, भ्रष्टाचार और बाहरी नियंत्रण (दिल्ली बनाम पंजाब) मुख्य चुनावी मुद्दे बनने वाले हैं।
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