मुंबई। सनातन धर्म और हिंदू शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री राम और भगवान श्री कृष्ण एक ही परम ब्रह्म (भगवान विष्णु) के दो अलग-अलग स्वरूप या अवतार हैं। दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। दोनों का पृथ्वी पर अवतार लेने का मुख्य उद्देश्य धर्म की स्थापना करना, अधर्म और दुष्टों का नाश करना तथा भक्तों का कल्याण करना रहा है। पूर्वांचल विकास परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा शिवसेना यूबीटी के राष्ट्रीय संगठक डॉ द्रिगेश यादव ने कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री द्वारा भगवान श्री कृष्ण के प्रति अपमानजनक वक्तव्य और हाव भाव को लेकर कड़ा विरोध करते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि कथावाचकों को बहुत ही संयम और विवेक से बयान देना चाहिए, क्योंकि उनकी बातों को लोग बड़े ध्यान से सुनते हैं और अमल करते हैं। इस तरह के वक्तव्य से न सिर्फ सनातन धर्म कमजोर होता है अपितु लोगों की आस्था पर गहरी चोट पड़ती है। डॉ द्रिगेश यादव ने कहा कि कथावाचकों को राजनीति से दूर रहना चाहिए और धन संग्रह करने की बजाय सनातन धर्म की कमजोर कड़ी को मजबूत करने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कथावाचकों का खुद को संत घोषित करना दुर्भाग्यपूर्ण है क्योंकि संतों का संपूर्ण जीवन अपनी तिजोरी भरने के लिए नहीं अपितु मानवता के कल्याण के लिए होता है। उन्होंने कहा कि कथावाचकों को ऐसी विवादित बातों से बचना चाहिए, जिसके लिए बाद में उन्हें माफी मांगनी पड़े।
श्री राम और श्री कृष्ण एक ही परम ब्रह्म के अलग-अलग स्वरूप : डॉ द्रिगेश यादव

Anam Fatima is a Journalism & Mass Communication student and Digital Journalism Intern at Akhandrashtra.com. She specializes in reporting and writing on Politics, Governance, and Public Affairs, with a strong commitment to delivering insightful, well-researched stories in Hindi journalism.
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