कतरी नदी में कच्चा पुल बनाने पर कानूनी कार्रवाई, BCCL के GM समेत कई अधिकारियों पर FIR
धनबाद/कतरास। कतरी नदी में कोयला ढुलाई के लिए कथित तौर पर कच्चा पुल तैयार करने का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह से छेड़छाड़ और बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के निर्माण कराए जाने के आरोप में कतरास थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में निजी कोल कंपनी के अधिकारियों के साथ भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के एरिया-4 के महाप्रबंधक समेत कई अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
नदी में ह्यूम पाइप डालकर रास्ता बनाने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, आरके कोल माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड पर कतरी नदी में ह्यूम पाइप लगाकर कच्चा पुल बनाने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि भारी वाहनों से कोयला परिवहन करने के उद्देश्य से नदी के किनारे ओवरबर्डन (ओबी) और मिट्टी डालकर रास्ता तैयार किया गया। इससे नदी के प्राकृतिक बहाव वाले हिस्से के संकरा होने की आशंका जताई गई है।
अंचल अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
बाघमारा के अंचल अधिकारी की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर कतरास थाना कांड संख्या 269/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में आरके कोल माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट हेड, मैनेजर और सुपरवाइजर के अलावा BCCL के एरिया-4 कतरास के महाप्रबंधक, एजीएम तथा गजलीटांड़ परियोजना के प्रोजेक्ट ऑफिसर और सुपरवाइजर को भी नामजद किया गया है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। जांच के दौरान निर्माण की परिस्थितियों, अनुमति से जुड़े तथ्यों और नदी के प्रवाह पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की पड़ताल की जाएगी।
संघर्ष समिति ने पहले उठाई थी आवाज
कतरी नदी में कथित निर्माण और उसके प्राकृतिक बहाव पर पड़ने वाले असर का मुद्दा कतरास बचाओ संघर्ष समिति ने भी उठाया था। समिति के संयोजक सुदाम गिरी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले को लेकर चिंता जताई थी। सुदाम गिरी ने धनबाद के उपायुक्त से भी शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब इस मामले में पुलिस की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर लोगों की नजरें टिकी हैं। नदी के प्राकृतिक स्वरूप और बहाव को लेकर उठे इस विवाद में जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।


