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Akhand Rashtra News > केरल > CJP का कोच्चि प्रदर्शन: दिल्ली के बाद अब केरल में ‘Save Democracy’ की लड़ाई
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CJP का कोच्चि प्रदर्शन: दिल्ली के बाद अब केरल में ‘Save Democracy’ की लड़ाई

Anam Fatima
Last updated: November 6, 2026 11:48 am
Anam Fatima
2 hours ago
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CJP Kochi Protest Save Democracy Cancel SIR आंदोलन
दिल्ली के बाद CJP ने 7 नवंबर को कोच्चि में ‘Save Democracy! Cancel SIR!’ प्रदर्शन का ऐलान किया।
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CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली के बाद अब केरल में अपना आंदोलन बढ़ाने का फैसला किया है। संगठन ने 7 नवंबर को कोच्चि में बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन का नाम “Jantar Mantar at Kochi” और “Save Democracy! Cancel SIR!” रखा गया है। CJP का ये कदम दिल्ली में हुई हिरासतों और जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले के बाद का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है।

Contents
Jantar Mantar at KochiCJP का कोच्चि प्रदर्शन: क्या है पूरा प्लानदिल्ली के बाद पहला बड़ा कदम क्यों महत्वपूर्ण हैक्यों कोच्चि चुना गया?CJP की मुख्य मांगें क्या हैंCJP का आंदोलन क्यों फैल रहा हैयुवाओं और छात्रों से अपीलप्रदर्शन का महत्व और आगे की राहदेश की हर बड़ी खबर पर रखिए अपनी नजर

CJP KOCHI PROTEST

Jantar Mantar at Kochi

Save Democracy!

Cancel SIR!

7 नवंबर | शाम 4 बजे | राजेंद्र मैदान, कोच्चि

CJP का कोच्चि प्रदर्शन: क्या है पूरा प्लान

CJP का ये प्रदर्शन राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे होगा। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके खुद इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। उनके साथ विजय मल्लंगी (साउथ जोन लीड) और आफरीन नवाज (नेशनल सेक्रेटरी) भी मौजूद रहेंगे।

CJP ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके लोगों से अपील की है कि वे इस प्रदर्शन में शामिल हों। नारा साफ है – “Save Democracy! Cancel SIR!”। संगठन SIR प्रक्रिया को रद्द करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहरा रहा है। प्रदर्शन को शांतिपूर्ण तरीके से रखने की अपील की गई है और लोगों से तिरंगा लेकर आने को कहा गया है।

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दिल्ली के बाद पहला बड़ा कदम क्यों महत्वपूर्ण है

CJP के लिए ये प्रदर्शन खास मायने रखता है। अक्टूबर में दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के दौरान संगठन के कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था। जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाई किए जाने के बाद भी संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहां पहुंचकर तिरंगा फहराया था।

उस घटना के बाद दिल्ली पुलिस और प्रशासन के साथ टकराव बढ़ा। कई नेताओं को हिरासत में लिया गया, पेशियां हुईं और कानूनी दबाव बढ़ा। इन सबके बावजूद CJP पीछे नहीं हटा। अब संगठन दिल्ली से बाहर निकलकर दक्षिण भारत में अपना अभियान ले जा रहा है। कोच्चि का ये प्रदर्शन दिल्ली की घटनाओं के बाद संगठन का पहला बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम है। इससे साफ है कि CJP अपनी मांगों से पीछे हटने वाला नहीं है।

क्यों कोच्चि चुना गया?

CJP लंबे समय से SIR प्रक्रिया का विरोध कर रहा है। संगठन का आरोप है कि ये प्रक्रिया मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाने और लोकतंत्र को कमजोर करने का तरीका है। दिल्ली में जंतर मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने और हिरासत की घटनाओं के बाद संगठन ने अपना फोकस केरल पर शिफ्ट किया है।

कोच्चि में राजेंद्र मैदान को चुना गया है। यहां से CJP अपनी मांगों को दोहराने और आम लोगों से समर्थन जुटाने की कोशिश करेगा। अभिजीत दीपके ने साफ कहा है कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई खत्म नहीं हुई है। दक्षिण भारत में प्रदर्शन करने से संगठन को नया समर्थन आधार मिलने की उम्मीद है। केरल में राजनीतिक जागरूकता और छात्र आंदोलनों का लंबा इतिहास रहा है। CJP इसी माहौल का फायदा उठाना चाहता है।

CJP की मुख्य मांगें क्या हैं

संगठन की मुख्य मांगें पहले जैसी ही हैं:

  • SIR प्रक्रिया को तुरंत रद्द किया जाए।
  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
  • मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाने की स्वतंत्र जांच हो।
  • युवाओं और आम नागरिकों की आवाज को दबाया न जाए।
  • लोकतंत्र की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।

CJP का कहना है कि दिल्ली में जो हुआ, वो सिर्फ एक शहर की घटना नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमले का प्रतीक है। इसलिए अब आंदोलन को देश के अलग-अलग हिस्सों में ले जाना जरूरी है। संगठन बार-बार दोहरा रहा है कि वो सिर्फ विरोध नहीं कर रहा, बल्कि लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ रहा है।

CJP का आंदोलन क्यों फैल रहा है

CJP पिछले कुछ महीनों से SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ लगातार सक्रिय है। दिल्ली में हिरासत, पेशी और कानूनी दबाव के बावजूद संगठन पीछे नहीं हटा। कोच्चि का प्रदर्शन इसी सिलसिले की अगली कड़ी है।

संगठन चाहता है कि दक्षिण भारत में भी ये मुद्दा चर्चा में आए। अभिजीत दीपके की मौजूदगी से प्रदर्शन को अतिरिक्त वजन मिलने की उम्मीद है। विजय मल्लंगी और आफरीन नवाज जैसे स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के शामिल होने से संगठन की पहुंच और बढ़ेगी। CJP का मानना है कि दिल्ली में दबाव बढ़ाने के बावजूद अगर संगठन चुप रहता तो ये हार का संकेत होता। इसलिए अब देश के दूसरे हिस्सों में जाकर आवाज उठाना जरूरी है।

युवाओं और छात्रों से अपील

CJP का आंदोलन शुरू से ही युवाओं और छात्रों पर केंद्रित रहा है। संगठन का कहना है कि SIR प्रक्रिया का सबसे ज्यादा असर युवा मतदाताओं पर पड़ रहा है। कई युवा उम्र पूरी करने के बावजूद सूची में नाम नहीं जुड़वा पा रहे या उनके नाम हटने की शिकायतें आ रही हैं।

कोच्चि प्रदर्शन में भी CJP युवाओं से सीधे अपील कर रहा है। संगठन का संदेश साफ है कि अगर आज चुप रहे तो कल लोकतंत्र और कमजोर हो जाएगा। तिरंगा लेकर आने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई है। CJP का मानना है कि युवाओं की भागीदारी ही इस आंदोलन को ताकत देगी।

प्रदर्शन का महत्व और आगे की राह

CJP का कोच्चि प्रदर्शन 7 नवंबर को शाम 4 बजे राजेंद्र मैदान में होगा। संगठन ने लोगों से अपील की है कि वे तिरंगा लेकर पहुंचें और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखें।

दिल्ली की घटनाओं के बाद ये देखना दिलचस्प होगा कि केरल में CJP को कितना समर्थन मिलता है। संगठन साफ संदेश दे रहा है कि वो अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेगा। SIR रद्द करने और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने तक आंदोलन जारी रहेगा।

CJP का ये कदम दिल्ली से बाहर आंदोलन का विस्तार है। कोच्चि में क्या होता है, ये आगे की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। अगर यहां अच्छा समर्थन मिला तो संगठन अन्य राज्यों में भी इसी तरह के प्रदर्शन कर सकता है।

संगठन बार-बार दोहरा रहा है कि ये सिर्फ एक पार्टी या समूह की लड़ाई नहीं है। ये लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है। दिल्ली में दबाव झेलने के बावजूद CJP मैदान में बना हुआ है। कोच्चि का प्रदर्शन इसी जिद और संकल्प का प्रतीक है।

CJP का कोच्चि अभियान दिखाता है कि संगठन दिल्ली की घटनाओं से डरने वाला नहीं है। बल्कि वो इन घटनाओं को और बड़े आंदोलन में बदलने की कोशिश कर रहा है। 7 नवंबर को राजेंद्र मैदान में क्या होता है, ये न सिर्फ CJP के लिए बल्कि पूरे SIR विरोध आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

संबंधित आधिकारिक जानकारी

• भारत निर्वाचन आयोग

• ECI Voters’ Service Portal

• मुख्य निर्वाचन अधिकारी, केरल

नोट: ये चुनाव और मतदाता सेवाओं से संबंधित आधिकारिक संदर्भ लिंक हैं।

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