जौनपुर। भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प के साथ विभिन्न सरोकारों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने वाला संगठन यूथ इन एक्शन अब आदि गंगा गोमती के अस्तित्व को बचाने के लिए ‘गोमती नदी बचाओ यात्रा निकालेगा’। जीवन दायिनी नदियों के संरक्षण के लिए एक माह में 1500 किलोमीटर का सफर तय कर जनमानस को न सिर्फ जागरूक किया जाएगा बल्कि जिम्मेदारों को भी कर्तव्यबोध भी कराया जाएगा। बुधवार की आयोजन की तैयारी को लेकर हुई बैठक में एक लाख लोगों को अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया गया।नगर के बीआरपी इंटर कालेज सभागार में आयोजित बैठक में पदाधिकारियों ने संगठन के कार्यों और कार्यक्रमो की जानकारी के साथ ‘गोमती नदी बचाओ यात्रा’ पर विचार-विमर्श किया जहां राष्ट्रीय संयोजक शतरुद्र प्रताप सिंह ने कहा कि यात्रा गोमती के उद्गगम स्थल गोमद ताल, पीलीभीत से प्रारंभ होकर गाजीपुर के मारकंडेय महादेव धाम कैथी स्थित गोमती व गंगा का संगम स्थल पर पहुंचकर समाप्त होगी। यह यात्रा लगभग 1500 किलोमीटर लंबी होगी और एक माह से अधिक समय तक यह यात्रा चलेगी।उन्होंने आगे कहा कि नदी मानव जीवन के अस्तित्व का प्रमुख आधार है और जब नदी का अस्तित्व खत्म हो जाएगा तो क्या मानव जीवन का अस्तित्व बचेगा? नदी समाज और राजनीति का मुख्य मुद्दा बने। कम से कम एक लाख लोगो को इस अभियान के साथ सदस्य रूप में जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन-जिन जिलों से गोमती नदी बहती है, उन सभी जिलों में गोमती नदी बचाओ समिति का गठन किया जायेगा।इस अवसर पर डा. राज बहादुर यादव, डा. नीरज सिंह, एडवोकेट धीरेंद्र सिंह, अमित सिंह डब्बू, अमित सिंह कुद्दुपुर, वैभव गुप्ता, आलोक सिंह कुद्दुपुर, वत्सल सिंह, इंदु सिंह सहित तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
1 लाख लोगों को अभियान से जोड़ने का लिया गया संकल्प

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