नई दिल्ली। कोरकरेच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने अपने एक वीडियो संदेश में कहा कि कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन कमजोर नहीं होगा। उन्होंने जेल में बंद कार्यकर्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका का समर्थन करते हुए आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखने की बात कही। दीपके ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के लिए हुए हिंसक प्रदर्शनों से करने पर भी सवाल उठाए।
कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर क्या बोले दीपके?
दीपके ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका का जेल जाना गांधीवादी सत्याग्रह की भावना को दर्शाता है। उनके मुताबिक, कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से आंदोलन के समर्थकों का हौसला टूटने वाला नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि आंदोलन से जुड़े लोग अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
नेपाल-बांग्लादेश से तुलना पर जताई आपत्ति
वीडियो संदेश में दीपके ने भारत में हो रहे प्रदर्शनों की तुलना नेपाल और बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन से जुड़े हिंसक प्रदर्शनों से करने को उचित नहीं बताया। उनका कहना था कि भारत में आंदोलन की प्रकृति और उसके तरीकों को अलग संदर्भ में समझा जाना चाहिए।
उन्होंने गांधीवादी सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए शांतिपूर्ण विरोध और अहिंसक तरीके से अपनी बात रखने पर जोर दिया। इस बयान के जरिए उन्होंने अपने समर्थकों को आंदोलन के दौरान संयम बनाए रखने का संदेश दिया।
सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला
CJP से जुड़े सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी तथा हिरासत का मामला राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उपलब्ध खबरों के मुताबिक, दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने को लेकर भी कानूनी कार्रवाई की गई है।


