By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: Iran का अमेरिका को नया 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव, जानिए क्या हैं तेहरान की शर्तें और ट्रंप का रुख
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > ताज़ा ख़बरें > Iran का अमेरिका को नया 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव, जानिए क्या हैं तेहरान की शर्तें और ट्रंप का रुख
ताज़ा ख़बरेंराजनीतिविदेश

Iran का अमेरिका को नया 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव, जानिए क्या हैं तेहरान की शर्तें और ट्रंप का रुख

Digital Desk - Lucknow
Last updated: May 3, 2026 4:46 pm
Digital Desk - Lucknow
5 hours ago
Share
Iran
SHARE

Iran का नया 14-सूत्रीय प्रस्ताव और पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचल

पश्चिम एशिया में शांति बहाली के प्रयासों के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बड़ा मोड़ देखने को मिला है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा हाल ही में पश्चिम एशिया के युद्ध को समाप्त करने के लिए एक 9 सूत्रीय फ्रेमवर्क का प्रस्ताव रखा गया था, जिसके जवाब में तेहरान ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए एक नया 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव अमेरिका को सौंप दिया है। ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने यह प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से वॉशिंगटन तक पहुंचाया है। इस प्रस्ताव में Iran ने अपनी शर्तें बहुत ही आक्रामक और स्पष्ट तरीके से रखी हैं। Iran ने मांग की है कि अमेरिका लेबनान सहित सभी मोर्चों पर चल रहे युद्ध को तुरंत प्रभाव से समाप्त करे, नौसैनिक नाकाबंदी को पूरी तरह से हटाए, अपनी सेना को वापस बुलाए और होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए एक नई शासन व्यवस्था का गठन करे। इसके अलावा, इस 14-सूत्रीय योजना में सबसे महत्वपूर्ण मांग Iran पर लगाए गए सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने, Iran की विदेशी बैंकों में जब्त संपत्तियों को रिलीज करने और इस दौरान हुए नुकसान के लिए भारी मुआवजे की मांग भी शामिल है। Iran का यह कदम यह साबित करता है कि वह किसी भी दबाव में झुकने के बजाय अपनी शर्तों पर ही किसी भी समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है। क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए Iran ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ किसी भी कूटनीतिक वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए अमेरिका को उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करना होगा। यह घटनाक्रम आने वाले समय में पश्चिम एशिया की राजनीति और कूटनीति की दिशा तय करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Contents
Iran का नया 14-सूत्रीय प्रस्ताव और पश्चिम एशिया में कूटनीतिक हलचलIran के उप विदेश मंत्री की दो-टूक, कूटनीति या युद्ध के लिए तैयारडोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख, हमलों की भी जताई संभावना

Iran के उप विदेश मंत्री की दो-टूक, कूटनीति या युद्ध के लिए तैयार

Iran ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 2 महीने के युद्धविराम की योजना को पूरी तरह से नकार दिया है। इसके बजाय, तेहरान ने सभी विवादित और महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने के लिए मात्र 30 दिन की समय-सीमा का प्रस्ताव रखा है। Iran के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने एक सख्त और दो-टूक बयान जारी कर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि अब यह पूरी तरह से अमेरिका के पाले में है कि वह वार्ता के माध्यम से कोई समझौता करना चाहता है या फिर खुले युद्ध की ओर लौटना चाहता है। गरीबाबादी ने तेहरान में राजनयिकों को संबोधित करते हुए यह चेतावनी दी कि Iran दोनों ही परिस्थितियों का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Iran अपने राष्ट्रीय हितों, अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए किसी भी हद तक जाने में सक्षम है। Iran की सरकारी मीडिया आईआरआईबी के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा कि अब अमेरिका को कूटनीति का रास्ता चुनना है या टकराव का रुख अपनाना है, यह फैसला उन्हें खुद करना होगा। Iran की यह रणनीति दर्शाती है कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में आने के बजाय अपनी मांगों पर पूरी तरह से अडिग है और अमेरिका को यह संदेश दे रहा है कि क्षेत्र में उनके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह बयान दोनों देशों के बीच के तनाव को और अधिक गहरा सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर मजबूती से डटे हुए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया और अमेरिका का रुख, हमलों की भी जताई संभावना

Iran के इस नए और आक्रामक 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया भी सामने आ चुकी है, जो आने वाले दिनों में काफी अहम साबित हो सकती है। ट्रंप ने कहा है कि उनका प्रशासन Iran के नवीनतम प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रहा है, लेकिन साथ ही उन्होंने नए अमेरिकी हमलों की संभावना का भी संकेत दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि Iran के संबंध में अमेरिका की स्थिति बहुत मजबूत है और उन्हें नहीं लगता कि यह प्रस्ताव उनके लिए स्वीकार्य होगा। उन्होंने तर्क दिया कि पिछले 47 वर्षों में Iran ने मानवता और दुनिया के साथ जो किया है, उसके लिए उसने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है। ट्रंप का यह भी मानना है कि Iran के नेतृत्व में स्पष्टता का अभाव है और वे अभी तक यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि उनका असली नेता कौन है। ट्रंप ने बताया कि Iran ने उन्हें समझौते की अवधारणा के बारे में बताया है और अब वे इसके सटीक मतलब का इंतजार कर रहे हैं। ट्रंप के इस बयान से यह साफ होता है कि अमेरिका Iran के प्रस्ताव को इतनी आसानी से स्वीकार नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव की स्थिति अभी भी बरकरार है और आने वाले दिन पश्चिम एशिया और पूरी दुनिया के लिए काफी संवेदनशील हो सकते हैं।

यह भी पढ़े: Prayagraj के समोसे को मिला नया मुकाम, UP सरकार की योजना में बना जिले की ‘सिग्नेचर डिश’

- Advertisement -

You Might Also Like

ट्रम्प का बड़ा कदम
परंपरागत फाग गीतों के साथ चुरावनपुर, बक्शा में लोक संगीत समारोह संपन्न
धनबाद पुलिस का बड़ा एक्शन: प्रिंस खान के गुर्गों पर शिकंजा, आधा दर्जन से अधिक हिरासत में
श्रीराम कथा मानव को जीवन जीने की कला सिखाती है – पुष्कर महाराज
Supreme Court से TMC को करारा झटका: नलिन कोहली का तीखा प्रहार, बोले – ‘अपनी हर हार पर राजनीति करती है ममता की पार्टी
TAGGED:14 सूत्रीय प्रस्तावDonald TrumpInternational NewsIranMiddle East CrisisUS-Iran RelationsWorld News Hindiअमेरिकाकाजेम गरीबाबादीडोनाल्ड ट्रंपविश्व राजनीतिहोर्मुज जलडमरूमध्य
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article Prayagraj Prayagraj के समोसे को मिला नया मुकाम, UP सरकार की योजना में बना जिले की ‘सिग्नेचर डिश’
Next Article Delhi Delhi में ट्रैफिक चालान के नए नियम लागू: अब समय पर जुर्माना न भरने पर गाड़ी होगी ब्लॉक, जानिए क्या है नया सिस्टम
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • Assembly Election Results 2026: 5 राज्यों में मतगणना की तैयारियां पूरी, 4 मई को सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी गिनती
  • विवेक विहार अग्निकांड: Delhi में दर्दनाक हादसे में 9 की मौत, पीएम मोदी ने 2 लाख मुआवजे का किया ऐलान
  • सरकार ने पूरे देश में एक साथ भेजा Emergency Alerts, जानिए क्या इससे आपके फोन में हो सकता है कोई बदलाव?
  • कोटा में NEET परीक्षा से ठीक पहले बड़ा हादसा, अल्मोड़ा के छात्र ने हॉस्टल की छत से कूदकर दी जान
  • Delhi में ट्रैफिक चालान के नए नियम लागू: अब समय पर जुर्माना न भरने पर गाड़ी होगी ब्लॉक, जानिए क्या है नया सिस्टम

Recent Comments

  1. Akhand Rashtra on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
  2. Akhand Rashtra on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  3. Bhaskar Singh on माता भाग्यलक्ष्मी के दर्शनोपरांत रामराज्य सभा का समापन
  4. Ryan F on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  5. AlyciaH on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
about us

We influence 20 million users and is the number one business and technology news network on the planet.

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up