उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद एक बार फिर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर विवादों में घिर गए हैं। होली के अगले दिन पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम का उनका वीडियो तेजी से इंटरनेट पर फैल रहा है। इस वीडियो में जिलाधिकारी मंच पर चढ़कर “जो गीरा सारा रारा…” गीत गाते हुए दिखाई दे रहे हैं और उसी गीत के जरिए योगी सरकार की उपलब्धियां गिनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दी हैं। सवाल यह उठ रहा है कि एक जिलाधिकारी, जिसे प्रशासनिक व्यवस्था में पूरी तरह निष्पक्ष और राजनीतिक रूप से तटस्थ माना जाता है, वह सार्वजनिक मंच से इस तरह किसी सरकार की उपलब्धियां क्यों गिना रहा है। प्रशासनिक पदों पर बैठे अधिकारियों के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तय होते हैं और उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी राजनीतिक दल या सरकार के पक्ष में सार्वजनिक रूप से खड़े होते न दिखें। लेकिन इस वीडियो ने उसी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग यह कह रहे हैं कि जब जिले का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी ही मंच पर खड़े होकर सरकार की उपलब्धियां गिनाता नजर आए, तो यह पूरे प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता को लेकर गंभीर सवाल पैदा करता है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने भी इस पर कड़ा रुख अपनाया है और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि जब चुनाव का समय आता है और आचार संहिता लागू होती है, तब पूरे जिले की चुनावी प्रक्रिया की जिम्मेदारी जिलाधिकारी के हाथों में होती है। मतदान से लेकर पूरी चुनावी व्यवस्था को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने का दायित्व भी डीएम के कंधों पर ही रहता है। ऐसे में यदि वही जिलाधिकारी सार्वजनिक मंच पर किसी सरकार की उपलब्धियां गाते नजर आएं, तो लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि चुनाव प्रक्रिया कितनी निष्पक्ष रह पाएगी। सोशल मीडिया पर कई लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए यह सवाल उठा रहे हैं कि जब जिले का शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी ही एक राजनीतिक रंग में रंगा हुआ दिखाई दे, तो आम जनता निष्पक्ष प्रशासन और निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे करे। लोगों का कहना है कि प्रशासनिक सेवा में बैठे अधिकारियों के लिए तटस्थता सबसे बड़ा सिद्धांत माना जाता है, लेकिन इस वीडियो ने उस सिद्धांत को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
दरअसल यह पहला मौका नहीं है जब जौनपुर के जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद इस तरह की वजहों से सुर्खियों में आए हों। इससे पहले भी उनके कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। बदलापुर के विधायक रमेश मिश्रा के साथ एक रैली में दौड़ते हुए उनका वीडियो काफी चर्चा में रहा था, जिसके बाद उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। इसके अलावा गमछे पर साइन करके आदेश देने का मामला भी काफी विवादों में रहा और उस समय भी सोशल मीडिया पर उनकी कार्यशैली को लेकर तीखी आलोचना हुई थी। आलोचकों का कहना है कि जिलाधिकारी को प्रशासनिक जिम्मेदारियों पर ध्यान देने के बजाय अक्सर लाइमलाइट में बने रहने की आदत है और समय-समय पर उनके ऐसे वीडियो सामने आते रहते हैं जो पब्लिसिटी स्टंट जैसे लगते हैं। उनके पहनावे और अंदाज को लेकर भी अक्सर चर्चा होती रहती है—सूट-बूट, काला चश्मा और हीरो जैसे अंदाज में नजर आने वाली उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अक्सर ट्रेंड करती रहती हैं। ऐसे में अब पुलिस लाइन के कार्यक्रम का यह वीडियो सामने आने के बाद आलोचकों का कहना है कि यह किसी प्रशासनिक अधिकारी की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं है। उनका आरोप है कि एक जिलाधिकारी का इस तरह खुले मंच से सरकार की उपलब्धियां गाना न सिर्फ प्रशासनिक मर्यादा पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अधिकारी किस हद तक सत्ता के करीब दिखने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक निष्पक्षता तथा अधिकारियों की भूमिका को लेकर एक बार फिर तीखी बहस छेड़ दी है।

