- ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
लखनऊ : महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएँ, उत्तर प्रदेश, श्री पी. सी. मीना के निर्देशन में आज कारागार मुख्यालय, लखनऊ के सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह प्रशिक्षण पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (भारत सरकार) के सहयोग से “ह्यूमन राइट्स इन प्रिजन एडमिनिस्ट्रेशन” (कारागार प्रशासन में मानवाधिकार) विषय पर आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधीश श्री राजीव लोचन मेहरोत्रा, सदस्य, राज्य मानवाधिकार आयोग, उत्तर प्रदेश द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। मुख्य अतिथि का स्वागत डॉ. राम धनी, निदेशक, डॉ. सम्पूर्णानन्द कारागार प्रशिक्षण संस्थान, लखनऊ द्वारा पुष्पगुच्छ एवं कारागार स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी, लखनऊ कैंपस की निदेशक डॉ. मंजरी चंद्रा सहित कारागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में बंदियों के मानवाधिकारों के साथ-साथ कारागार अधिकारियों के मानवाधिकारों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कारागार प्रशासन में मानवाधिकारों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ राज्यों के असिस्टेंट जेलर से लेकर जेल सुपरिंटेंडेंट स्तर के कुल 20 अधिकारी भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित प्रख्यात वक्ता व्याख्यान देंगे:
- श्रीमती अल्पना शुक्ला, विधि अधिकारी, राज्य मानवाधिकार आयोग
- डॉ. मनु कालिया, सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण
- राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर
- उत्तर प्रदेश कारागार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी
यह प्रशिक्षण कारागार प्रशासन को अधिक संवेदनशील, मानवाधिकार-उन्मुख एवं सुधार-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम तीन दिनों तक चलेगा।

