कूचबिहार (अखंड राष्ट्र न्यूज़): पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कूचबिहार की धरती से ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री ने टीएमसी (TMC) पर ‘कट, कमीशन और करप्शन’ का आरोप लगाते हुए साफ चेतावनी दी है कि चुनाव के नतीजों के बाद एक-एक पाप का हिसाब लिया जाएगा। पीएम ने कहा कि बंगाल में अब कानून का नहीं, बल्कि ‘गुंडों’ का राज चल रहा है जिसे बीजेपी खत्म करके रहेगी।
“कोई कितना भी बड़ा गुंडा क्यों न हो…”
संदेशखाली की घटना का जिक्र करते हुए पीएम मोदी भावुक और आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा, “एक ओर संदेशखाली जैसी बहनों की चीखें हैं, तो दूसरी ओर नारीशक्ति को सुरक्षा और सम्मान की मोदी की गारंटी है। मैं आपको भरोसा देता हूं कि 4 मई के बाद कानून अपना काम करेगा। चाहे कोई कितना भी बड़ा गुंडा क्यों न हो, इस बार न्याय होकर रहेगा।” पीएम ने मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना को लोकतंत्र पर कलंक बताया।
घुसपैठ और डेमोग्राफी पर गंभीर चिंता
प्रधानमंत्री ने बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में हो रहे बदलावों पर टीएमसी को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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वोट बैंक की राजनीति: टीएमसी घुसपैठियों को अपना वोटबैंक मानती है और उन्हें सीधा संरक्षण देती है।
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CAA का विरोध: पीएम ने कहा कि टीएमसी शरणार्थी हिंदुओं की नागरिकता छीनकर घुसपैठियों को बसाना चाहती है, इसीलिए वे ‘एसआईआर’ (SIR) का विरोध कर रहे हैं।
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पलायन का केंद्र: कभी रोजगार के लिए मशहूर बंगाल अब ‘निर्मम सरकार’ के चलते पलायन का केंद्र बन गया है।
महिला आरक्षण और लखपति दीदी का जिक्र
पीएम मोदी ने महिला मतदाताओं को साधते हुए कहा कि बंगाल शक्ति पूजा की भूमि है। उन्होंने अपनी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड को गिनाते हुए कहा, “हमने 3 करोड़ बहनों को ‘लखपति दीदी’ बनाया और अब लोकसभा व विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण का कानून भी लाए हैं।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम करने वाले राज्यों को सीटों के मामले में कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
बीजेपी का ‘भरोसा’ बनाम टीएमसी का ‘भय’
प्रधानमंत्री ने चुनाव को दो पहलुओं में बांट दिया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता के सामने दो विकल्प हैं:
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एक ओर: टीएमसी के ‘कट मनी’, करप्शन और घुसपैठ का भय।
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दूसरी ओर: विकास, सुरक्षा और घुसपैठ रोकने वाली बीजेपी का भरोसा।
कूचबिहार की इस रैली ने साफ कर दिया है कि बीजेपी इस बार पश्चिम बंगाल में ‘कानून-व्यवस्था’ और ‘भ्रष्टाचार’ को सबसे बड़ा हथियार बनाने जा रही है। अब देखना होगा कि 4 मई को बंगाल की जनता ‘दीदी’ पर भरोसा जताती है या ‘मोदी की गारंटी’ पर।
