झारखंड के दुमका में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दुबे ने दावा किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े कुछ विदेशी नेटवर्क भारत की राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने इसे देश में ‘रिजीम चेंज’ यानी सरकार बदलने की कथित साजिश से जोड़ते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाए।
दुमका में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क्या बोले निशिकांत दुबे?
22 अक्टूबर को दुमका में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान निशिकांत दुबे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय कुछ व्यक्ति और संगठन तकनीक, डिजिटल वित्तीय गतिविधियों तथा ऑनलाइन सट्टेबाजी के माध्यम से राजनीतिक आंदोलनों को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे नेटवर्क का भारत में चल रही राजनीतिक गतिविधियों से कोई संबंध है।
भाजपा सांसद ने अपने आरोपों के समर्थन में अमेरिकी कांग्रेस के एक दस्तावेज का भी हवाला दिया। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और विदेशी व्यक्तियों से कथित संपर्कों को लेकर सवाल उठाए।
इल्हान उमर, रो खन्ना और सोरोस फाउंडेशन का भी किया जिक्र
निशिकांत दुबे ने अपने बयान में अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, रो खन्ना, कारोबारी नेविल रॉय सिंघम और सोरोस फाउंडेशन का नाम भी लिया। उन्होंने सवाल किया कि इन लोगों और संगठनों के भारत की राजनीतिक गतिविधियों से क्या संबंध हैं।
दुबे ने कांग्रेस नेतृत्व से राहुल गांधी की विदेश यात्राओं, मुलाकातों और कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या विदेशी नेटवर्क और भारत में होने वाले राजनीतिक आंदोलनों के बीच कोई संबंध है।
AI, क्रिप्टो और ऑनलाइन सट्टेबाजी पर क्यों उठे सवाल?
भाजपा सांसद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी और ऑनलाइन सट्टेबाजी को भविष्य की बड़ी चुनौतियों से जोड़ते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के संभावित दुरुपयोग पर ध्यान देने की जरूरत है। उनके मुताबिक, विदेशी वित्तीय और तकनीकी नेटवर्क का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है।
उन्होंने विदेशी फंडिंग, वित्तीय लेनदेन और राजनीतिक अभियानों के बीच संभावित संबंधों की जांच तथा पारदर्शिता की मांग की। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ इन आरोपों को साबित करने वाला स्वतंत्र रूप से सत्यापित साक्ष्य सामने नहीं आया है। इसलिए इन्हें निशिकांत दुबे के आरोपों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
कांग्रेस की राजनीति पर क्या पड़ेगा असर?
निशिकांत दुबे के बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने की संभावना है। भाजपा की ओर से विदेशी हस्तक्षेप और राष्ट्रीय संप्रभुता का मुद्दा उठाया जा रहा है,


