नई दिल्ली: देश की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके आंदोलनों और विदेशी संगठनों के साथ कथित संबंधों को लेकर सवाल उठाए हैं। भाजपा ने इन गतिविधियों को देश में अराजकता फैलाने की कोशिश से जोड़कर पेश किया है।
गौरव भाटिया ने क्या आरोप लगाए?
22 अक्टूबर 2026 को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विदेशी संगठनों के भारत में होने वाले विरोध-प्रदर्शनों से कथित संबंधों पर सवाल उठाए। भाटिया ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी संगठन भारत में राजनीतिक आंदोलनों को बढ़ावा देने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में भूमिका निभा रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने अपने दावों के समर्थन में एक विदेशी मीडिया रिपोर्ट का हवाला भी दिया। उन्होंने दावा किया कि कई देशों में सक्रिय संगठनों का एक नेटवर्क विरोध-प्रदर्शनों को संगठित करने या उन्हें सोशल मीडिया पर प्रचारित करने में भूमिका निभाता है। हालांकि, इन दावों के आधार पर राहुल गांधी या कांग्रेस की किसी कथित साजिश में भूमिका साबित नहीं होती है।
फ्रांस के प्रदर्शनों से भारत की राजनीति की तुलना
गौरव भाटिया ने फ्रांस में हुए विरोध-प्रदर्शनों और भारत में चल रहे राजनीतिक आंदोलनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शनों के माध्यम से देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
विदेशी संगठनों का नाम लेकर कांग्रेस से मांगा जवाब
भाटिया ने अपने बयान में इंडियन अलायंस पेरिस और प्रोग्रेसिव इंटरनेशनल जैसे संगठनों का उल्लेख किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इन संगठनों के साथ मुलाकातों, संपर्कों और संभावित सहयोग के बारे में स्पष्टीकरण देने की मांग की।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इन संगठनों की गतिविधियों और भारत में होने वाले राजनीतिक आंदोलनों के बीच क्या संबंध है। भाजपा ने कांग्रेस से इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।
राहुल गांधी और कांग्रेस का पक्ष भी महत्वपूर्ण
इस विवाद में भाजपा के आरोप सामने आए हैं, लेकिन आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर करना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों में इन विशिष्ट आरोपों को साबित करने वाला स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाण सामने नहीं आया है। इस विषय पर राहुल गांधी या कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बिना पूरे मामले पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
क्या बढ़ेगी भाजपा-कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव की गर्मी?
राहुल गांधी पर भाजपा के इस हमले से राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है। एक ओर भाजपा विदेशी हस्तक्षेप और राजनीतिक अस्थिरता का मुद्दा उठा रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आरोपों की निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना जरूरी है।


