ग्रामीण एसपी को सौंपा आवेदन, थाना प्रभारी ने आरोपों से किया इनकार
झारखंड के धनबाद जिले के राजगंज थाना से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क दुर्घटना के बाद जब्त की गई एक बाइक के थाना से गायब होने का आरोप लगाया गया है।

पीड़ित की पहचान बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के विराजपुर मंझीलाडीह निवासी मटन प्रसाद महतो के रूप में हुई है, जो डीजीएमएस में निजी सहायक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बाइक, जो पुलिस द्वारा जब्त कर थाना में रखी गई थी, अब वहां से गायब हो गई है।
दुर्घटना के बाद जब्त हुई थी बाइक
पीड़ित के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को वे अपनी बाइक (JH10 CE-5021) से घर लौट रहे थे, तभी खरनी गोड़ के पास एक ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। इस हादसे में उनका हाथ और पैर गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद राजगंज पुलिस मौके पर पहुंची और उनकी बाइक समेत ट्रैक्टर को जब्त कर थाना ले गई। इस संबंध में राजगंज थाना कांड संख्या 71/2025 उनके भतीजे मिथुन कुमार साव के बयान पर दर्ज किया गया।
स्वस्थ होने के बाद बाइक लेने पहुंचे, तो नहीं मिली
लंबे इलाज के बाद जब मटन प्रसाद महतो स्वस्थ होकर अपनी बाइक लेने थाना पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि बाइक वहां नहीं है। पीड़ित का आरोप है कि पहले पुलिस ने बाइक होने से ही इनकार कर दिया।
दूसरी बाइक लेने का दबाव का आरोप
मटन प्रसाद महतो का कहना है कि जब उन्होंने अपनी बाइक की मांग की, तो थाना के कर्मियों द्वारा उन्हें दूसरी बाइक लेने का सुझाव दिया गया। हालांकि, उन्होंने इसे सिरे से खारिज कर दिया और अपनी ही बाइक वापस देने की मांग की।
ग्रामीण एसपी से की शिकायत

इस मामले को लेकर पीड़ित ने गुरुवार को ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी को लिखित आवेदन सौंपकर राजगंज थाना के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि बाइक थाना की जिम्मेदारी में थी, ऐसे में उसके गायब होने की जवाबदेही पुलिस की बनती है।
थाना प्रभारी ने किया इनकार

वहीं, इस पूरे मामले पर राजगंज थाना प्रभारी अलीशा कुमारी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि “ऐसी कोई बात नहीं है” और मामले की जांच की जा रही है।

