लखनऊ/रामपुर। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की पत्नी डॉ. तंजीम फातिमा ने अखिलेश यादव से अपनी मुलाकात को लेकर चल रही चर्चाओं पर सफाई दी है। उन्होंने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि आजम खान की ओर से सपा प्रमुख अखिलेश यादव से 15 विधानसभा सीटों पर टिकट की मांग की गई है।
तंजीम फातिमा ने स्पष्ट किया कि अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात को राजनीतिक मांग या सीटों के बंटवारे से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुलाकात निजी और पारिवारिक थी। उनके मुताबिक, इस दौरान चुनावी रणनीति, टिकट या सीटों को लेकर किसी तरह की बातचीत नहीं हुई।
15 सीटों की मांग वाली खबर पर सफाई
दरअसल, हाल में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि आजम खान की ओर से अखिलेश यादव के सामने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 15 विधानसभा सीटों पर अपने पसंदीदा उम्मीदवारों को टिकट देने की मांग रखी गई है। यह भी चर्चा थी कि तंजीम फातिमा इसी सिलसिले में अखिलेश यादव से मिलने पहुंची थीं।
तंजीम फातिमा ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा कि वह अखिलेश यादव से किसी तरह का पत्र लेकर नहीं मिली थीं और न ही 15 सीटों को लेकर कोई चर्चा हुई। उन्होंने ऐसी खबरों को गलत और बेबुनियाद बताया।
‘अखिलेश मेरी औलाद जैसे हैं’
तंजीम फातिमा ने अखिलेश यादव के साथ अपने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश उनके लिए औलाद जैसे हैं। ऐसे में उनसे किसी तरह की राजनीतिक मांग करने या चुनाव में सीटों को लेकर दबाव बनाने का सवाल ही नहीं उठता।
उनके इस बयान के बाद 15 सीटों को लेकर चल रही
राजनीतिक अटकलों पर फिलहाल विराम लगता दिखाई दे रहा है। तंजीम फातिमा ने यह भी कहा कि किसी खबर को प्रकाशित करने से पहले संबंधित व्यक्ति से उसकी पुष्टि की जानी चाहिए।
2027 चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज
उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हैं। समाजवादी पार्टी भी संगठन को मजबूत करने और चुनावी समीकरण तैयार करने में लगी है। ऐसे समय में आजम खान और अखिलेश यादव के बीच संबंधों को लेकर सामने आने वाली हर खबर राजनीतिक चर्चा का विषय बन रही है।
आजम खान लंबे समय से सपा के प्रमुख मुस्लिम नेताओं में रहे हैं और रामपुर की राजनीति में उनका प्रभाव माना जाता है। ऐसे में उनके परिवार की ओर से दिया गया कोई भी राजनीतिक बयान सपा की चुनावी रणनीति के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जाता है।
हालांकि तंजीम फातिमा ने साफ कर दिया है कि अखिलेश यादव से उनकी मुलाकात को 15 सीटों की मांग या टिकट बंटवारे की राजनीति से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने अखिलेश यादव के साथ अपने पारिवारिक संबंधों पर जोर देते हुए राजनीतिक दबाव की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया।
फिलहाल 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में सीटों के बंटवारे, गठबंधन और उम्मीदवारों को लेकर कई और चर्चाएं सामने आ सकती हैं।


