उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से जुड़ा एक वीडियो चर्चा में है। प्रयागराज में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधन के लिए केशव प्रसाद मौर्य को आमंत्रित करते समय वक्ता ने उन्हें ‘मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य’ कहकर संबोधित कर दिया। उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मंच पर मौजूद थे।
मंच पर क्या हुआ?
16 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम में वक्ता ने केशव प्रसाद मौर्य का परिचय देते हुए उन्हें मुख्यमंत्री कह दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथ से इशारा करते हुए केशव प्रसाद मौर्य को संबोधन के लिए आगे बढ़ने का संकेत दिया। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
2027 के चुनाव से पहले क्यों हो रही चर्चा?
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पद के चेहरे और पार्टी के नेतृत्व को लेकर नेताओं के बयान तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों से जुड़े घटनाक्रम राजनीतिक चर्चा का विषय बन रहे हैं।
इससे पहले 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्यमंत्री के चयन को विधायकों का निर्णय बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि भाजपा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी।
ऐसे में प्रयागराज के कार्यक्रम में हुई यह चूक भी चर्चा में आ गई। हालांकि, किसी कार्यक्रम में गलती से किसी नेता को मुख्यमंत्री कह देना और पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करना दो अलग-अलग बातें हैं।
क्या यह कोई राजनीतिक संकेत है?
फिलहाल इस घटना को 2027 के चुनाव से जोड़कर देखना अटकल होगी। उपलब्ध रिपोर्ट में ऐसा कोई प्रमाण नहीं दिया गया है जिससे यह साबित हो कि संबोधन जानबूझकर किया गया था या इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश था।
भाजपा की ओर से इस विशेष घटना को लेकर किसी आधिकारिक घोषणा की पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए इस वायरल वीडियो को राजनीतिक घटनाक्रम के बजाय पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हुई कथित जुबानी चूक के रूप में देखना ज्यादा उचित है
प्रयागराज के कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री कहने का बयान चर्चा में है।


