एटा, 26 जुलाई उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में स्थित प्रमुख रोडवेज पुलिस चौकी को लेकर कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। शहर के केंद्र में स्थित इस चौकी से कुछ ही दूरी पर हाल ही में दिनदहाड़े एक युवक का अपहरण हुआ,तब भी चौकी पर कोई मौजूद नहीं मिला। स्थानीय लोगों और दुकानदारों का कहना है कि चौकी में पुलिसकर्मियों की नियमित मौजूदगी नहीं रहती।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रोडवेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध वसूली, डग्गेमार वाहन संचालन, जेबकतरी, चोरी और असामाजिक तत्वों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। आरोप है कि डग्गेमार वाहनों से कथित तौर पर पुलिसकर्मी वसूली में संलिप्त रहते हैं, जिससे आमजन को यातायात जाम और असुविधा का सामना करना पड़ता है।
17 जुलाई को रोडवेज चौकी से कुछ कदम की दूरी पर एक युवक का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया था। वहीं, हाल ही में सिविल लाइन चौकी के सामने एक युवक की दिनदहाड़े मारपीट का वीडियो भी वायरल हुआ। दोनों ही मामलों में पुलिस की गैरमौजूदगी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
शनिवार को दोपहर करीब 3:30 बजे जब एक स्थानीय पत्रकार चौकी पहुंचा, तो वह खाली पड़ी थी। 45 मिनट तक इंतजार करने के बाद भी कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं आया। पास में मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति प्रमोद ने बताया कि काफी देर से चौकी में कोई मौजूद नहीं है।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर अमित कुमार राय ने बताया कि चौकी पर सामान्यतः 4-5 पुलिसकर्मी, जिनमें चौकी प्रभारी और होमगार्ड भी शामिल होते हैं, तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि कांवड़ मेला और वीआईपी मूवमेंट के चलते स्टाफ व्यस्त था। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि चौकी में कोई गोपनीय दस्तावेज या ऐसी सामग्री नहीं होती, जिसके लिए 24 घंटे उपस्थिति आवश्यक हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी आपात स्थिति में ‘112’ सेवा का उपयोग करें, जिससे तत्काल सहायता मिल सके।
हालांकि, लगातार हो रही घटनाओं के चलते स्थानीय लोगों में असंतोष व्याप्त है। उनका कहना है कि चौकी इंचार्ज की मौजूदगी के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है। नागरिकों का यह भी कहना है कि पुलिस की लगातार अनुपस्थिति से अपराधियों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।
स्थिति को देखते हुए अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला पुलिस प्रशासन इस दिशा में क्या कदम उठाता है और क्या चौकियों में 24 घंटे पुलिस मौजूदगी सुनिश्चित की जा सकेगी, ताकि आमजन को सुरक्षा और सहायता समय पर मिल सके।

