By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: आयुर्वेद और चेतना का संगम: वैश्विक स्वास्थ्य का नया आयाम
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > उत्तर प्रदेश > आयुर्वेद और चेतना का संगम: वैश्विक स्वास्थ्य का नया आयाम
उत्तर प्रदेशराज्य

आयुर्वेद और चेतना का संगम: वैश्विक स्वास्थ्य का नया आयाम

Salman Raza
Last updated: December 31, 2025 12:19 pm
Salman Raza
1 month ago
Share
SHARE

वाराणसी- बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बी.एच.यू.) के द्वारा हाल ही में आयुर्वेद में अग्रणी शोध ने वैश्विक स्वास्थ्य के रूपांतरण की दिशा में एक नए अध्याय का आरंभ किया है। वाराणसी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ICCRA-2025 में डॉ. पुष्पा कुलनाथ ने एक क्रांतिकारी शोध-प्रस्ताव प्रस्तुत किया, जिसने प्राचीन मिथक और आधुनिक भौतिक विज्ञान के बीच की सीमा को चुनौती दी।

डॉ. कुलनाथ ने प्रस्तावित किया कि आयुर्वेदिक ज्ञान का पारंपरिक अवतरण केवल एक देववादी कथा नहीं है, बल्कि चेतना के प्रमात्रा यांत्रिकी के लिए परिष्कृत वर्णनात्मक भाषा है। इस अध्ययन में आयुर्वेदिक चेतना के दिव्य को दिव्य रूपरेखाओं के भौतिक स्पष्टीकरणों के रूप में चिह्नित किया गया है, जो 2,000 वर्षों से अधिक समय से विद्यमान हैं, जैसे कि रुनवेलिसेय, जेतवनाराम तथा अभ्यगिरि।परंपरागत रूप से इन्हें केवल धार्मिक स्मारक माना जाता है, किंतु श्रीलंका की पुरातात्विक खगोलशास्त्र पर हाल ही में संपादित शोध यह प्रस्तावित करते हैं कि ये रूपरेखाएँ परिष्कृत वैश्विक मानचित्र हैं। डॉ. कुलनाथ के शोध-परिणाम उन उभरती हुई शिक्षणिक धारणाओं के साथ सामंजस्य बिठाते हैं, जिनके अनुसार इन तीन महान स्तूपों की विशिष्ट स्थिति ओरायन नक्षत्रमंडल की कमरबंध के तीन तारों का प्रतिबिंब प्रस्तुत करती है।यह अध्ययन दर्शाता है कि प्राचीन सरें महान अर्हत (मुक्त ऋषि) की भूमिका और उनकी युक्त-घन ध्यानीक चेतना है। डॉ. कुलनाथ के अनुसार, अर्हत का वित्त एक सार्वभौमिक रूप से खुला माध्यम होता है, जो दिव्य और मानवीय लोकों को जोड़ता है।वैश्विक स्वास्थ्य का स्फटीकरण तारों के लौकिक प्रतिबिंब के रूप में श्रीलंका के स्तूप, यह अध्ययन श्रीलंका के अनुराधापुर में स्थित विशाल स्तूपों पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में एक क्रांतिकारी शोध-प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसने प्राचीन मिथक और आधुनिक भौतिक विज्ञान के बीच की सीमा को चुनौती दी।
श्रीलंकाई आचार्य केवल धरती पर निर्माण नहीं कर रहे थे, बल्कि वे अरहत की युक्त-घन ध्यानीक चेतना के माध्यम से एक आकाशीय ज्यामिति को अवतरित अथवा डाउनलोड कर रहे थे। ओरायन की संरचना को पृथ्वी से जोड़कर उन्होंने एक स्थानीय अनुनाद उत्पन्न किया, जिसने पवित्र शहर को उपचारात्मक और लंगाटींग तातम्स्था के एक जीतंत अश्मानिंग श्रेण के रूप में एरितरित कर दिया।अध्ययन का निष्कर्ष यह है कि चेतना के संबंध में आयुर्वेद की स्वदेशी प्रतिमान, श्रीलंकाई परंपराओं में निहित बौद्ध मनोवैज्ञानिक अंतर्दृष्टि के साथ जुड़कर, एक सटीक भाषा प्रदान करता है, जो आधुनिक भौतिक विज्ञान और तंत्रिका विज्ञान का पूर्वभास करता है। अस्थानीय समन्वय के माध्यम से स्वास्थ्य में परिवर्तन लाने के लिए, डॉ. कुलनाथ यह दर्शाते हुए वैश्विक सहयोग के लिए आमंत्रित करते हैं कि अवतरण, मन के वास्तविक क्वांटम-शैली तंत्रों का वर्णन करता है, और अनुराधापुर के स्तूप इसके लिए भौतिक प्रमाण हैं।

ब्राह्मण महासभा ने दिखाया रामभद्राचार्य को तीखे तेवर
बिहार में RSS पर प्रतिबंध की चर्चा
शिवसेना ने एड. अरुणा सत्यप्रकाश पांडे को बनाया उत्तर भारतीय महिला जिला प्रमुख
पीयू के प्रभात उपाध्याय का भारतीय सूचना सेवा में चयन 
भा.ना.क.वि.से. समिति ने सुरेश ठाकुर योद्धा हत्याकांड की सीबीआई जांच हेतु ज्ञापन सौंपा
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article मीडिया आत्मनिर्भर , सशक्त,और संरक्षित हो,तभी पत्रकार संगठन की सार्थकता
Next Article लोनी में भावुक श्रद्धांजलि: पूर्व अध्यक्ष मनोज धामा ने पिता को बताया ‘सुपरहीरो’
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up