– कृष्णा कुमार नोनिया (अखंड राष्ट्र)
झरिया। भारतीय सेना के वीर जवान रामबाबू सिंह, जिन्होंने 12 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी थी, उनके घर अब खुशियों की किलकारी गूंजी है। बलिदानी की पत्नी अंजली सिंह ने गुरुवार दोपहर धनबाद के एक अस्पताल में कन्या संतति को जन्म दिया।
पुत्री के जन्म की खबर मिलते ही जियलगोरा स्टेडियम के समीप रहने वाले अंजली के पिता व बच्ची के नाना सुभाष चंद्र शर्मा के घर में उत्साह का माहौल बन गया। पूरे परिवार में गम के बीच खुशी की लहर दौड़ गई।
14 दिसंबर 2024 को हुई थी शादी
सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि अंजली की शादी 14 दिसंबर 2024 को बिहार के सिवान जिले के बड़हरिया प्रखंड के वसिलपुर गांव निवासी रामविचार सिंह के पुत्र रामबाबू सिंह से हुई थी। रामबाबू भारतीय सेना के आरटी ब्रिगेड में तैनात थे।
होली पर पत्नी संग आए थे घर
होली के मौके पर रामबाबू अपनी गर्भवती पत्नी अंजली के साथ गांव आए थे। इसके बाद ऑपरेशन सिंदूर में शामिल होने के लिए वे वापस ड्यूटी पर लौट गए। वहीं दुश्मन के ड्रोन हमले में वे शहीद हो गए।
“वापस आकर बच्चे की खुशी मनाएंगे” कहकर गए थे
परिवार ने बताया कि ड्यूटी पर लौटते समय रामबाबू ने पत्नी से कहा था – “वापस आकर बच्चे की खुशी हम दोनों मिलकर मनाएंगे।” लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। उनके बलिदान की खबर ने पूरे परिवार को शोक में डुबो दिया था।
अब जब बेटी का जन्म हुआ है तो परिवार का कहना है कि यह बच्ची ही अब शहीद की आखिरी निशानी है और पूरे परिवार का सहारा बनेगी। सभी ने संकल्प लिया है कि इसे नाजों से पालकर बड़ा किया जाएगा।

