मुंबई। बांद्रा पूर्व स्थित भारत नगर कॉलोनी, महाराष्ट्र हाउसिंग डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) की जगह पर बनी एक विकसित कॉलोनी है, जहां करीब 5 हजार लोग रहते हैं। यहां के लोगों द्वारा नियमित रूप से म्हाडा को राजस्व का भुगतान किया जाता है तथा उन्हें म्हाडा द्वारा पावती भी दी जाती है। इसी परिसर में कलेक्टर की जगह पर बनी बसेरा नामक एक सोसाइटी को झोपड़पट्टी पुनर्वासन प्राधिकरण (एसआरए) द्वारा डेवलप किया गया। इसी का हवाला देकर भारत नगर कॉलोनी को भी एसआरए ने करीब 10 वर्ष पहले स्लम एरिया घोषित कर दिया। स्थानीय रहिवासियों ने इसका कड़ा विरोध किया है। शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे की डॉक्टर सेल के अध्यक्ष डॉ विवेकानंद जाजू ने कहा कि भारत नगर कॉलोनी का विकास करना सिर्फ म्हाडा का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और बिल्डर की मिलीभगत से इस एरिया को स्लम घोषित किया गया है, जबकि म्हाडा के उपाध्यक्ष तथा सीओ का साफ कहना है कि एसआरए को किसी प्रकार की एनओसी नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। यहां का विकास 33/5 अधिनियम में ही संभव है। एसआरए का यहां से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कहा कि एसआरए के लिए पहले समिति का गठन कर गणना की जाती है। पात्र /अपात्र घोषित किया जाता है ।बायोमेट्रिक होती है। 75 प्रतिशत लोगों के एकमत होने के बाद ही एसआरए की योजना लागू होती है। यहां ऐसा कुछ भी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि 33/ 5 अधिनियम के तहत हमें किसी बिल्डर से परहेज नहीं है चाहे वह अडानी ही क्यों ना हों। स्थानीय रहिवासियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अपील की है कि वह भारत नगर में चल रहे अजब कारोबार पर तत्काल रोक लगाते हुए उन्हें न्याय दें।
भारत नगर में म्हाडा की जगह पर एसआरए, राहिवासियों ने की मुख्यमंत्री से अपील

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