मुंबई : मुंबई विद्यापीठ को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिना जाता है परंतु यहां के कुछ अभ्यासक्रमों के परीक्षा परिणाम घोषित करने की यंत्रणा में त्रुटि होने के कारण विद्यार्थियों को अनगिनत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।सिर्फ दो पेपर का रिजल्ट घोषित किया गया जिसके कारण हिंदी के छात्र लटके अधर में।बता दें कि जनवरी 2023 एमए (हिंदी) प्रथम वर्ष की परीक्षा हुई थी। इस परीक्षा के परिणाम ऑनलाइन घोषित हुए जिसमें दो ही विषयों के परिणाम आए परंतु दो विषयों,भाषा विज्ञान और प्राचीन मध्यकालीन काव्य के परिणामों में RR इस तरह का एरर दिखा रहा है। लगभग 8 माह बीत जाने पर भी छात्रों की समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है।अंतत: घाटकोपर, अंधेरी,चेंबूर और वसई परीक्षा केंद्रों के छात्र–छात्राओं ने मुंबई विद्यापीठ के परीक्षा और मूल्यमापन मंडल के संचालक को लिखित में मामले से अवगत कराया। जहां पर छात्रों की जल्द परिणाम घोषित करने की मांग पर जल्द कार्यवाई का आश्वासन दिया गया है। छात्रों ने आरोप लगाया है कि परीक्षा केंद्रों पर सीटिंग अरेंजमेंट को लेकर भी भारी अव्यवस्था होती है जहां छात्रों को घंटो खड़ा रखा जाता है। यदि मुंबई विद्यापीठ में परीक्षा और परीक्षा परिणाम में इतनी अनियमितता और विलंब होगा तो छात्रों का भविष्य अधर में लटक जायेगा।
मुंबई विद्यापीठ के छात्रों को 8 माह से परिणाम का इंतजार

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