जौनपुर। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें कुल 44,306 मामलों का निस्तारण किया गया। इस प्रक्रिया के अंतर्गत लगभग ₹11.79 करोड़ (₹11,79,72,759) की समझौता राशि तय की गई। यह आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार वर्मा-1 की अध्यक्षता में किया गया।
लोक अदालत का शुभारंभ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश ने उपस्थित अधिकारियों एवं पक्षकारों से अधिक से अधिक मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु प्रेरित किया।
प्रमुख आंकड़े एवं निस्तारण विवरण:
न्यायालयों में लंबित मामले: 4,917
प्री-लिटिगेशन मामले (राजस्व व प्रशासनिक विभाग): 39,389
कुल निस्तारित मामले: 44,306
मुख्य श्रेणियों में निस्तारण इस प्रकार रहा:
पारिवारिक न्यायालय:
मामले: 94
समझौता राशि: ₹1,25,00,000
क्षतिपूर्ति (एमएसीटी):
निस्तारित मामले: 45 (कुल 48 में से)
धनराशि: ₹3,07,82,000
विद्युत वसूली मामले (ADJ-IV):
निस्तारण: 451 मामले
शमनीय फौजदारी मामले:
निस्तारण: 3,338
अर्थदंड: ₹2,18,400
एन.आई. एक्ट (चेक बाउंस):
मामले: 2
अन्य प्रकार के वाद:
निस्तारण: 940 मामले
समझौता राशि: ₹35,035
सिविल न्यायालय:
मामले: 47
उत्तराधिकार प्रमाणपत्र राशि: ₹37,38,309
प्री-लिटिगेशन वैवाहिक विवाद:
मामले: 4
राजस्व न्यायालय व अन्य प्रशासनिक वाद:
राजस्व फौजदारी: 1,425
राजस्व वाद: 428
अन्य वाद: 36,351
नगर पालिका जलकर संबंधी वाद: 49
विद्युत बिल: 219
बैंक/फाइनेंस/बीएसएनएल रिकवरी वाद:
मामले: 913
समझौता राशि: ₹7,05,74,015
उपस्थित अधिकारीगण:
श्रीमती रीता कौशिक (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), समस्त अपर जिला जजगण, सिविल व फौजदारी न्यायिक अधिकारी, एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रशांत कुमार सिंह।
इस लोक अदालत के माध्यम से जनपद न्यायपालिका ने न्यायिक प्रक्रियाओं को त्वरित एवं सुलभ बनाते हुए आमजन को राहत प्रदान की। यह प्रयास न्यायालयीन बोझ को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ है।

