मुंबई। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री तथा देश की एकता और अखंडता के प्रबल समर्थक रहे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उनका भावपूर्ण अभिवादन किया गया। उनकी पुण्यतिथि को बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेगा का नारा देने वाले डॉ मुखर्जी भारत माता के अमर सपूत रहे। उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। विधानसभा प्रमुख एडवोकेट रवि व्यास ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एक प्रखर वक्ता, महान देशभक्त तथा अडिग विचारधारा वाले व्यक्ति रहे। कश्मीर को लेकर किया गया उनका संघर्ष और बलिदान हमेशा याद किया जाता रहेगा। मुंबई भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह ने कहा कि संसद में उन्होंने कश्मीर से धारा 370 हटाने की जोरदार मांग की थी,जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साकार किया। उत्तर भारतीय मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुरेश सिंह ने कहा कि डॉ मुखर्जी ने अपना संपूर्ण जीवन देश की एकता और अखंडता के लिए बलिदान कर दिया। वह भारत माता के ऐसे सपूत थे, जिनसे देशवासियों को हमेशा देशभक्ति की प्रेरणा मिलती रहेगी।
डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर किया गया अभिवादन
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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