UP Weather: उत्तर प्रदेश के बाशिंदों के लिए आखिरकार राहत की खबर आ गई है। हफ्तों से जारी रिकॉर्डतोड़ गर्मी, चुभती धूप और जानलेवा लू (Heatwave) का दौर अब खत्म होने जा रहा है। राज्य में प्री-मानसून सिस्टम पूरी तरह एक्टिव हो चुका है, जिससे मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। हालांकि, इस खुशनुमा बदलाव के साथ सोमवार को राज्य के कई हिस्सों में आई तेज आंधी और आकाशीय बिजली (वज्रपात) ने भारी तबाही भी मचाई है।
आईये जानते हैं कि मौसम विभाग का नया अनुमान क्या है और आपके शहर में मौसम का क्या हाल रहेगा।
पारा गिरेगा 10 डिग्री तक, जुलाई में होगी रिकॉर्डतोड़ बारिश
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, मंगलवार से पूरे उत्तर प्रदेश में लू का असर पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। जून के महीने में मानसून की सुस्त रफ्तार के कारण पूरे राज्य में सूखे जैसे हालात थे। जून में सामान्य से करीब 59% कम वर्षा दर्ज की गई थी, जिसमें पश्चिमी यूपी में 50% और पूर्वी यूपी में 64% तक पानी कम बरसा।
लेकिन अब जुलाई की शुरुआत धमाकेदार होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जुलाई के पहले 15 दिनों में यूपी में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पहले हफ्ते में ही तापमान में 6 से 10 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट देखी जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, राजधानी लखनऊ में सोमवार को जो अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस था, उसमें अब भारी कमी आएगी। इससे आम जनता के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
up-weather: सोमवार को इन जिलों में जमकर बरसे बदरा
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि सोमवार शाम को ही राज्य के लगभग 55 जिलों में धूलभरी आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई। कुछ जिलों में मानसून की भारी बौछारें पड़ीं, जिनके आंकड़े इस प्रकार हैं:
| जिला | दर्ज की गई बारिश (मिमी में) |
| बहराइच | 104.6 मिमी (सबसे ज्यादा) |
| श्रावस्ती | 73.6 मिमी |
| बलरामपुर | 62 मिमी |
| महराजगंज | 52 मिमी |
| बस्ती | 45 मिमी |
राहत की बात यह है कि बारिश का यह दौर अगले एक सप्ताह तक बिना रुके जारी रहेगा। मंगलवार और बुधवार को 50 से अधिक जिलों में मध्यम से भारी बारिश का ‘येलो और ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। हालांकि, सोनभद्र, मीरजापुर और चंदौली जैसे दक्षिणी जिलों को मॉनसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना होगा, वहाँ फिलहाल उमस परेशान करेगी।
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आंधी और आकाशीय बिजली का तांडव: 10 लोगों की मौत
मौसम का यह यू-टर्न जहाँ एक तरफ गर्मी से राहत लेकर आया, वहीं दूसरी तरफ आफत का सबब भी बना। सोमवार शाम को आए तेज बवंडर और बिजली गिरने (वज्रपात) की घटनाओं में अलग-अलग जिलों में कुल 10 लोगों की असामयिक मौत हो गई।
सबसे भीषण दुर्घटना फिरोजाबाद के फरिहा क्षेत्र में हुई। यहाँ सवारियों से भरा एक ई-रिक्शा तूफान की चपेट में आ गया। तेज हवाओं के बीच जब चालक ने गाड़ी रोकने की कोशिश की, तभी सड़क किनारे लगा एक विशाल नीम का पेड़ ई-रिक्शा पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में चालक समेत 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। एक महिला और उनका 4 साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
इसके अलावा कुशीनगर में खेत में धान की रोपाई करते समय, महराजगंज और बस्ती में दीवार गिरने से, और मीरजापुर व सोनभद्र में बिजली गिरने के कारण 5 अन्य लोगों की जान चली गई।
खराब मौसम में खुद को कैसे बचाएं? (प्रशासन की गाइडलाइन)
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि जब भी आसमान में बिजली कड़के या तेज आंधी आए, तो निम्नलिखित सावधानियां जरूर बरतें:
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खुले मैदानों से दूर रहें: यदि आप खेत या किसी खुले स्थान पर हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें।
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पेड़ों के नीचे कतई न छिपें: आंधी में पेड़ उखड़ने और उन पर बिजली गिरने का खतरा 90% ज्यादा होता है।
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जर्जर दीवारों और पोल्स से दूरी बनाएं: कच्ची दीवारें और बिजली के खंभे तेज हवा में कभी भी गिर सकते हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकालें: घर के अंदर रहने पर भी आकाशीय बिजली के दौरान फोन या बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करने से बचें।
उत्तर प्रदेश में प्री-मानसून की सक्रियता ने भीषण गर्मी की छुट्टी तो कर दी है, लेकिन यह अपने साथ कुछ गंभीर चुनौतियाँ भी लाया है। आने वाले दिन खेती-किसानी के लिए बेहद शानदार रहने वाले हैं। बस जरूरत है तो थोड़ी सी सावधानी की, ताकि आप और आपका परिवार इस बदलते मौसम में पूरी तरह सुरक्षित रह सके।

