Trump Claims: खाड़ी देशों में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ कतर की राजधानी दोहा में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। हालांकि, दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की तत्काल या आमने-सामने की बातचीत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।
यह कूटनीतिक खींचतान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दोनों देशों के बीच हुए हालिया सैन्य तनाव के बाद देखने को मिल रही है, जिसने हाल ही में हुए द्विपक्षीय समझौते (MoU) को खतरे में डाल दिया था। हालांकि अब दोनों पक्ष हमलों को रोकने पर सहमत हो गए हैं, लेकिन आगे की राह को लेकर दोनों देशों के बयानों में भारी अंतर है।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा (Trump Claims)
इस कूटनीतिक ड्रामे की शुरुआत सोमवार को हुई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए इस बैठक का एलान किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया: “ईरान ने बैठक का अनुरोध किया है। यह बैठक कल दोहा में होगी!” हालांकि, ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि इस बैठक में कौन-कौन से प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बाद में, व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लेविट ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के सलाहकार व दामाद जारेड कुशनर इस हफ्ते हाई-लेवल मीटिंग्स के लिए दोहा जा रहे हैं।
ईरान का सख्त रुख और इनकार
वाशिंगटन से आए इस बयान पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने तुरंत पलटवार किया। सोमवार को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने पुष्टि की कि ईरान के तकनीकी विशेषज्ञों का एक प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह दोहा जरूर जा रहा है—लेकिन यह दौरा केवल समझौते के तहत फंड्स को अनफ्रीज करने और तेल निर्यात की शर्तों की निगरानी के लिए है।
अमेरिकी दूतों के साथ किसी भी तरह की बैठक से इनकार करते हुए बगाई ने कहा:
“हम अभी अंतिम समझौते पर बातचीत के चरण में नहीं पहुंचे हैं। आने वाले दिनों में, हमारा अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर बातचीत का कोई कार्यक्रम नहीं है।”
इसके साथ ही, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी सोशल मीडिया पर सख्त लहजे में कहा कि आपसी समझ ‘दोतरफा रास्ता’ है। उन्होंने साफ किया कि ईरान अपनी प्रतिबद्धताओं को तभी पूरा करेगा जब अमेरिकी पक्ष भी समझौते की शर्तों का पूरी तरह पालन करेगा।
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कतर पर टिकी दुनिया की नजरें
एक तरफ जहाँ अमेरिका और ईरान के बयानों में विरोधाभास दिख रहा है, वहीं ईरान क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए ओमान के साथ भी होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर समानांतर बातचीत कर रहा है। अब जब दोनों देशों के प्रतिनिधि बिल्कुल अलग-अलग दावों के साथ दोहा पहुंच रहे हैं, तो अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या पर्दे के पीछे कोई बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिलेगी या यह युद्धविराम महज अस्थायी साबित होगा।

